अयोध्या में UPPCL लागू करेगा वर्टिकल सिस्टम, बिना कार्यालय जाए उपभोक्ता करा सकेंगे बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/Eelctricity-1767626644388-1767942993631.jpgप्रतीकातमक तस्वीर
जागरण संवाददाता, अयोध्या। बिजली से जुड़ी सभी समस्याओं के त्वरित निदान और व्यवस्थागत पारदर्शिता के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश विद्युत निगम अब अयोध्याधाम में भी 15 जनवरी से वर्टिकल सिस्टम लागू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था में सभी कार्यों का विभाजन होगा और इनके क्रियान्वयन के लिए अलग-अलग अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की तैनाती होगी।
इससे उपभोक्ताओं को विभागीय कार्यालय तक दौड़ लगाने से छुटकारा मिलेगा और उनकी समस्याएं प्रभावी तरीके से निपटेंगी।
महानगरों की तर्ज पर यूपीपीसीएल की ओर से अयोध्या जोन में केवल अयोध्या धाम यानी विद्युत वितरण खंड प्रथम में वर्टिकल सिस्टम लागू किया जा रहा है।
इसके अलावा अन्य खंडों में पुरानी व्यवस्था के आधार पर ही कार्य होगा। शहरी क्षेत्र की सफलता के आधार पर अन्य खंडों में भी इस व्यवस्था को लागू करने पर विचार होगा। वर्टिकल सिस्टम में फेसलेस और एफर्टलेस व्यवस्था रहेगी। किसी भी उपभोक्ता को यदि बिजली से जुड़ी किसी समस्या का निदान कराना होगा, नया कनेक्शन लेना होगा, बिल में सुधार कराना होगा या फिर आपूर्ति की कोई समस्या होगी तो उसे 1912 पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी।
यह शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी को ट्रांसफर हो जाएगी और उसका समयबद्ध निस्तारण होगा। इसके लिए चार हेल्पडेस्क भी बनाई जाएगी। इसके माध्यम से भी शिकायतों का समाधान होगा। अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण विनय कुमार ने बताया कि इस नई व्यवस्था को 15 जनवरी से लागू करने की पूरी तैयारी है।
अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा जा चुका है। दो तीन दिन में उनकी तैनाती हो जाएगी। सभी बिजलीघरों का संचालन कर्मचारी करेंगे और अधिकारी समस्याएं देखेंगे। उन्होंने बताया कि इस नए सिस्टम से उपभोक्ताओं की असुविधा खत्म होगी। उनका विभाग के प्रति विश्वास बढ़ेगा और निगम की छवि बदलेगी।
चार अधिशासी अभियंता संभालेंगे व्यवस्था
नए सिस्टम में अब चार अधिशासी अभियंता तैनात होंगे। पहले एक ही एक्सईएन के जिम्मे सभी दायित्व थे। अब एक अधिशासी अभियंता 33 केवी लाइन व प्रशासनिक कार्य, दूसरे 11 केवी व एलटी लाइन, तीसरे नए कनेक्शन, मीटरिंग, नाम परिवर्तन, सुधार और चौथे अधिशासी अभियंता बिलिंग व कलेक्शन की जिम्मेदारी देखेंगे।
वर्टिकल सिस्टम में कुल चार अधिशासी अभियंता, नौ सहायक अभियंता और 19 अवर अभियंता की तैनाती रहेगी। अभी एक अधिशासी अभियंता, 5 सहायक अभियंता और 14 अवर अभियंता तैनात थे। वर्टिकल सिस्टम में अयोध्या व अयोध्यधाम शहर के सभी बिजलीघर शामिल होंगे। चार हेल्पडेस्क में एक राम की पैड़ी, दूसरी कौशलपुरी, तीसरी लालबाग और चौथी अमानीगंज कार्यालय पर बनेगी।
निदेशक वाणिज्यिक ने की तैयारियों की समीक्षा
वर्टिकल सिस्टम को लागू करने से पहले गुरुवार को मध्यांचल विद्युत निगम लिमिटेड के निदेशक वाणिज्यिक योगेश कुमार ने अयोध्या पहुंचकर समस्त तैयारियों की समीक्षा की और मुख्य अभियंता वितरण बृजेश कुमार व अधीक्षण अभियंता वितरण विनय कुमार के साथ बैठक कर तैयारियों की जानकारी ली।
उन्होंने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में नई व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि नए सिस्टम में उपभोक्ताओं की सभी समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। सभी कार्यों का क्रियान्वयन अलग-अलग अधिकारी कराएंगे, इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था को लागू करने का एकमात्र उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सहूलियत देना है और विभाग के प्रति विश्वास बढ़ाना है। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम मनीष चौबे, फेसू प्रथम के एसडीओ संजय सैनी आदि भी उपस्थित रहे।
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