सोनभद्र में आठ बार विधायक रहे विजय सिंह गोंड़ का शव दफनाया गया, श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/vijay1-1767941862675.jpgसोनभद्र की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है, और उनके सम्मान में बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। प्रदेश के अंतिम विधानसभा क्षेत्र दुद्धी (क्रम संख्या 403 के आधार पर) में आठ बार के विधायक रहे 71 वर्षीय विजय सिंह गोंड़ का शव शुक्रवार को उनके पैतृक गांव कटौली में दफनाया गया। वहीं उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का भी तांता लगा रहा।
विजय सिंह गोंड़ का निधन गुरुवार को लखनऊ में हुआ था। उनकी किडनी खराब हो गई थी, जिसका उपचार लंबे समय से एसजीपीजीआइ लखनऊ में चल रहा था। उनके निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक संवेदना व्यक्त की। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी सूचना मिलने पर अस्पताल में ही शोक संवेदना प्रकट पहुंचे थे।
सोनभद्र में पूर्व मंत्री व्यास गोंड़, जनजातीय राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा साथ में सपा जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख संजय यादव, वर्तमान प्रमुख मान सिंह गोंड़ म्योरपुर, सपा नेता चेखुर पांडेय, सुनील सिंह यादव, वर्तमान राज्य मंत्री समाज कल्याण संजीव सिंह गोंड़ ने भी विजय सिंह गोंड़ के गांव पहुंच कर श्रद्धांजलि दी। उनके परिवार के सदस्य सबसे छोटे बेटे निरेंद्र को ढांढस बंधाया।
विजय सिंह गोंड़ के निधन की खबर फैलते ही दुद्धी समेत जनपद के पूरे आदिवासी अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके आवास से लेकर गांव-गांव तक शोक प्रकट करने वालों का ताता लगा हुआ है। उनके निधन से सोनभद्र की राजनीति का एक युग समाप्त हो गया। उनके नाम लगातार सात बार जीत का भी रिकार्ड दर्ज है। वे सपा सरकार में परिवार कल्याण राज्यमंत्री भी रह चुके थे। उनके निधन पर सभी दलों के नेताओं ने शोक जताया।
वर्ष 1980 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पहला विधानसभा चुनाव जीतकर दुद्धी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस, निर्दलीय, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी विभिन्न दलों से चुनाव लड़ते हुए भी जनता का विश्वास उन पर कायम रहा और कुल आठ बार उन्हें विधानसभा तक पहुंचाया। अब उनके निधन के बाद उप चुनाव भी होना है, माना जा रहा है कि परिवार के करीबी को टिकट पार्टी की ओर से मिल सकता है।
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