धनबाद रिंग रोड घोटाला: एसीबी ने 16 आरोपियों को दबोचा, 300 करोड़ के मुआवजे में हेरफेर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/ACB-Red-In-Dhanbad-1767936629687.jpgएसीबी द्वारा गिरफ्तार आरोपित। (फोटो-अमित सिन्हा)
जागरण संवाददाता, धनबाद। Dhanbad Ring Road Scam: धनबाद रिंग रोड के लिए हुए भूमि अधिग्रहण में सामने आए बहुचर्चित मुआवजा घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 से अधिक आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक चली इस कार्रवाई के लिए ACB ने लगभग 10 विशेष टीमों का गठन किया था, जिन्होंने एक साथ विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर घोटाले में शामिल अधिकारियों और बिचौलियों को दबोचा।
गिरफ्तार किए गए आरोपितों में भू-राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारी और मुआवजा वितरण में संलिप्त बिचौलिये शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने रैयतों को मिलने वाली मुआवजा राशि में बड़े पैमाने पर हेरफेर कर सरकारी धन का अवैध रूप से बंदरबांट किया।
यह मामला धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बदले दिए जाने वाले मुआवजे से जुड़ा है, जिसमें करीब 300 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि वास्तविक जमीन मालिकों को उनका हक नहीं मिला, जबकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा राशि की निकासी कर ली गई।
इस गंभीर मामले की जांच वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने ACB को सौंपी थी। प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, लाल मोहन नायक सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
ACB की यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी मानी जा रही है। बताया गया है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत सभी की चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि मुआवजा नहीं मिलने के कारण कई रैयत पिछले एक दशक से न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। इस लंबी प्रतीक्षा के दौरान छह से अधिक पीड़ितों की मौत हो चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद पीड़ितों में न्याय मिलने की उम्मीद एक बार फिर जगी है। मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
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