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गोरखपुर में 84 लाख की लूट मामले में एसटीएफ भी जांच में जुटी, 20 टीमें सक्रिय

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जेल से छूटे व बाहरी जिलों के अपराधियों तक खंगाला जा रहा पूरा नेटवर्क। सांकेतिक तस्वीर



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सेवानिवृत्त लेखपाल के घर हुई 84 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है।हाल के वर्षों की सबसे हुई सबसे बड़ी वारदात को सुलझाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को भी जांच में शामिल कर लिया गया है। अधिकारियों ने इस मामले में 20 से अधिक टीमें बनाई हैं, जो अलग-अलग स्तर पर बदमाशों की तलाश और नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं।

जांच का दायरा अब सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं रहा। आसपास के जिलों और प्रदेश के अन्य हिस्सों में सक्रिय लूट गिरोहों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने हाल ही में जेल से छूटे सभी लुटेरों का सत्यापन शुरू कर दिया है। यह देखा जा रहा है कि घटना वाले दिन उनकी गतिविधियां कहां-कहां रहीं और किससे उनका संपर्क था।

इसी क्रम में अब तक 20 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर अलग-अलग एंगल से पूछताछ की जा रही है।क्राइम ब्रांच को सीसी कैमरे के फुटेज से अहम सुराग हाथ लगे हैं। रजही इलाके के पास लगे एक कैमरे में वारदात से पहले एक युवक की संदिग्ध गतिविधि कैद हुई है। फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि इस युवक का हुलिया उन बदमाशों से मेल खाता है, जो लूट के दौरान घर में घुसे थे।पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिया गया यह युवक पहले भी लूट और चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहा है और उसका आपराधिक इतिहास दर्ज है।

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से मिली जानकारियों को तकनीकी साक्ष्यों और सीसी कैमरा फुटेज का मिलान किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस लूट का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

रेकी कर चुना गया था घर, रास्तों की थी पूरी जानकारी
जांच में यह बात सामने आई है कि बदमाशों ने वारदात से पहले इलाके की गहन रेकी की थी। उन्हें सेवानिवृत्त लेखपाल के घर के आसपास के सभी रास्तों की पूरी जानकारी थी। पुलिस को शक है कि बदमाश पगडंडियों और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करते हुए घर तक पहुंचे और वारदात के बाद अलग रास्ते से फरार हो गए।यह भी सामने आया है कि बदमाशों को यह जानकारी थी कि पीड़ित के घर में सीसी कैमरे नहीं लगे हैं।

यही वजह रही कि उन्होंने एक-एक कमरे की तलाशी ली और इत्मीनान से लूटपाट की। इलाके में भी सीमित संख्या में कैमरे लगे होने का उन्होंने पूरा फायदा उठाया। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या किसी स्थानीय व्यक्ति या रेकी करने वाले ने बदमाशों को यह जानकारी उपलब्ध कराई थी।

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500 से अधिक मोबाइल नंबर रडार पर
तकनीकी जांच के तहत पुलिस ने अब तक करीब 500 मोबाइल नंबरों की छानबीन की है। यह नंबर घटनास्थल के आसपास सक्रिय पाए गए थे। टावर डंप और लोकेशन एनालिसिस के जरिए यह देखा जा रहा है कि कौन से नंबर घटना के समय लंबे समय तक इलाके में मौजूद थे और कौन बार-बार सक्रिय हुए। पुलिस ऐसे नंबरों को प्राथमिक संदिग्ध मानकर उनकी काल डिटेल और संपर्क नेटवर्क खंगाल रही है।

आने-जाने के सभी रास्तों की मैपिंग
लूट के बाद बदमाशों के फरार होने के रास्तों को लेकर पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई है। रजही और आसपास के इलाकों के सभी संभावित रास्तों, पगडंडियों, खेतों के रास्तों और संपर्क मार्गों की क्राइम इन्वेस्टिगेशन के हिसाब से मैपिंग की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि कौन से रास्ते सीधे पिपराइच, खोराबार या अन्य क्षेत्रों की ओर जाते हैं।पुलिस को आशंका है कि बदमाश वारदात के तुरंत बाद मुख्य सड़क से नहीं, बल्कि वैकल्पिक और कम उपयोग होने वाले रास्तों से निकले होंगे। इसी आधार पर पुलिस ने नक्शों और जमीनी निरीक्षण के जरिए संभावित रूट की सूची तैयार की है।

पिपराइच क्षेत्र पर खास फोकस
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस को यह पूरी आशंका है कि बदमाश पिपराइच क्षेत्र में ही कहीं छिपे हो सकते हैं। इस क्षेत्र में पहले भी लूट और चोरी के मामलों में सक्रिय रहे गिरोहों का इतिहास रहा है। पुलिस ने यहां निगरानी बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

यह है मामला
रजही गांव के मौर्या टोला में रहने वाले सेवानिवृत्त लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर सोमवार शाम दो बाइकों पर सवार चार बदमाश पहुंचे। काल बेल बजाने पर गेट खुलते ही बदमाशों ने नकद, जेवर और अलमारी की चाबियों की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर बालेंद्र सिंह के सिर पर पिस्टल के बट से वार किया गया। परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया गया और डेढ़ साल के पोते को धमकाकर आलमारी की चाभी लेकर चार लाख रुपये नकद व करीब 80 लाख रुपये के गहने लूटकर फरार हो गए।
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