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अब ड्रोन से लेकर स्पेस साइंस तक की पढ़ाई करेंगे अटल आवासीय विद्यालयों के बच्चे, मिलेगी अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा

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बलराम सेंगर, बांदा। मंडल के इकलौते अटल आवासीय विद्यालय के छात्र अब केवल किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यहां अब अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। ये संस्थान नए \“\“\“\“टेक्नोलाजी हब\“\“\“\“ के रूप में उभरने वाले हैं। अटल आवासीय विद्यालय अब सिर्फ रहने-पढ़ने के स्कूल नहीं रहेंगे, बल्कि अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा और नवाचार के आधुनिक केंद्र के रूप में पहचान बनाएंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत राज्य सरकार सभी अटल आवासीय विद्यालय में कंपोजिट स्किल और इनोवेशन लैब स्थापित करने जा रही है। खास बात है कि ग्रामीण क्षेत्रों व श्रमिक परिवारों व वंचित पृष्ठभूमि वाले बच्चों को विशेष प्रकार की शिक्षा से परांगत किया जाएगा।

मंडल के इकलौते अटल आवासीय विद्यालय, अछरौंड में 640 छात्र पंजीकृत हैं। इन छात्रों को अब अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा और नवाचार केंद्र के रूप में पहचान बनाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत सरकार अटल आवासीय विद्यालयों में कंपोजिट स्किल और इनोवेशन लैब स्थापित करने जा रही है। जहां ग्रामीण क्षेत्रों, श्रमिक परिवारों और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स, आटोमेशन, स्पेस साइंस, थ्री-डी प्रिंटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। यह पहली बार होगा जब इन वर्गों के छात्रों को स्कूली स्तर पर ही इतनी उन्नत तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाएगा।

अत्याधुनिक तकनीकों में निपुण होंगे छात्र

इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य समाज के उस अंतिम पायदान पर खड़े छात्र को सशक्त बनाना है, जो ग्रामीण या श्रमिक पृष्ठभूमि से आता है। अब इन वर्गों के छात्र स्कूली स्तर पर ही ड्रोन टेक्नोलाजी, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, थ्री डी प्रिंटिंग और स्पेस साइंस जैसे विषयों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे। यह पहली बार है जब वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी सुविधाएं और प्रशिक्षण एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा।

छह महीने में धरातल पर उतरेगी योजना

अटल आवासीय विद्यालयों में इस परियोजना को मिशन मोड में चलाया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के रुप में अगले दो महीनों के अंदर चयनित विद्यालयों में इन अत्याधुनिक लैब में उपकरण आदि की स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आगामी छह महीनों में लैब सुचारू रूप से कार्य करने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में तैयार होंगे मास्टर ट्रेनर

शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों और विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ साझेदारी करेगी। योजना के पहले चरण में शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये लैब न केवल छात्रों को तकनीक सिखाएंगी, बल्कि उनमें क्रिटिकल थिंकिंग और प्राब्लम साल्विंग जैसे कौशल भी विकसित करेंगी, जो 21वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए अनिवार्य हैं।


अटल आवासीय विद्यालय की लैब को अत्याधुनिक रूप से विकसित किया जाना है। जिससे ड्रोन तकनीकी, रोबोटिक्स, आटोमेशन, स्पेस साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। -जनार्दन उपाध्याय, प्रिंसिपल अटल आवासीय विद्यालय, अछरौंड, बांदा
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