दिल्ली के द्वारका में चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा भारत वंदना पार्क, पहले चरण में खुलेंगे रेस्त्रां व फूड कियोस्क
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/Delhi-News-Update-(34)-1767919303495.jpgभारत वंदना पार्क में पटना के गोलघर की प्रतिकृति। जागरण आर्काइव
गौतम कुमार मिश्रा, पश्चिमी दिल्ली। बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स के मिनी यूरोप थीम पार्क की तर्ज पर द्वारका सेक्टर 20 में बन रहे भारत वंदना पार्क के निर्माण की डेडलाइन एक बार खिसकी है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
डीडीए ने तय किया है कि पूरे पार्क परिसर को एक साथ न खोलकर जो हिस्सा तैयार है, पहले उसे खोला जाए। यानि पार्क को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। अच्छी बात यह है कि इस दिशा में डीडीए ने पहल शुरू कर दी है। डीडीए अधिकारियों का कहना है कि यदि सबकुछ सही रहा तो इस बात की पूरी संभावना है कि फरवरी महीने से यहां दर्शकों का आना जाना शुरू हो जाएगा।
निविदा आमंत्रित
डीडीए अधिकारियों ने बताया कि भारत वंदना पार्क का ऐसा हिस्सा जिसे शुरू किया जाना है, उसके संचालन के लिए डीडीए ने निजी एजेंसी से निविदा आमंत्रित किए हैं। इसके तहत पार्क परिसर में रेस्त्रां, फूड कियोस्क, सोवेनियर शाप्स व वीआर गेमिंग बिल्डिंग को किराए पर देने के लिए निवादा निकाली गई है।
जो भी इस निविदा में चयनित होगा, डीडीए उसके साथ दो वर्ष का किराया समझौता करेगा। जिन लोगों ने भी निविदा में बोलियां लगाई हैं, उनमें से योग्यतम का आज चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
रेडी टू ऑपरेट स्पेसेज
जिस हिस्से की निविदा निकाली गई है, वे स्थल पर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये स्थान रेडी टू आपरेट स्पेसेज की श्रेणी में आते हैं।
प्रधानमंत्री की भी इस योजना में दिलचस्पी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समय समय पर अपने संबोधन में भारत वंदना पार्क का जिक्र करते रहते हैं। कई बार वे यह कह चुके हैं कि आनेवाले समय में भारत वंदना पार्क पार्क देश व दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, भाषाई और भौगोलिक विविधता को दर्शाता यह पार्क देश की राजधानी में मिनी इंडिया को प्रतिबिंबित करेगा।
वर्ष 2019 में किया गया था शिलान्यास
इस पार्क का शिलान्यास 17 दिसंबर 2019 को गृहमंत्री अमित शाह ने किया था। वर्ष 2022 के मार्च में इसे तैयार हो जाना था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण समय पर पूरा नहीं होने के बाद इसके निर्माण की अवधि को आगे किया गया और मार्च 2024 में इसे पूरा करने की बात कही गई, लेकिन यह भी पूरा नहीं हुआ। एक बार फिर इसे मार्च 2025 किया गया, लेकिन यह भी पूरा नहीं हुआ।
क्या है पूरी योजना?
मिनी इंडिया की थीम व कमल के आकार में डिजाइन किए गए और लगभग 200 एकड़ में फैले पार्क में इको जोन, जल निकाय, विभिन्न राज्यों की ऐतिहासिक स्मारकों की प्रतिकृतियां, सांस्कृतिक गतिविधियां आदि शामिल होंगे। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां आपको पुराने संसद भवन की गोल इमारत की प्रतिकृति नजर आएगी।
शांति का उपदेश देते भगवान बुद्ध, पटना में लोकआस्था से जुड़ा प्रसिद्ध महावीर मंदिर की प्रतिकृति भी यहां आपका ध्यान खींच लेगी। जयपुर का हवा महल, कर्नाटक के हंपी का रथ मंदिर, एलोरा की गुफाएं, अंडमान का सेल्यूलर जेल सहित विभिन्न राज्यों की प्रसिद्धि से जुड़े तमाम इमारतों की प्रतिकृति यहां दिखेगी। पार्क के निर्माण पर करीब 530 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
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