BCCL IPO Today: 5 पॉइंट्स जो बढ़ा रहे हैं निवेशकों की दिलचस्पी; सीएमडी के बोल-काले हीरे की चमक कम न होगी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/IPO-BCCL-1767917338837.jpgआज लांच होगा बीसीसीएल आइपीओ। (प्रतीकात्मक फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। कोल इंडिया (Coal India-CIL) भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के प्रस्तावित 1,071 करोड़ रुपये के आइपीओ (BCCL IPO) के लिए निवेशकों से आवेदन की प्रक्रिया आज 9 जनवरी से शुरू हो रही है। यह आइपीओ 13 जनवरी तक खुला रहेगा, जबकि 16 जनवरी को कंपनी के शेयरों की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग प्रस्तावित है।
BCCL IPO का मूल्य दायरा 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश एक लॉट (600 शेयर) का होगा, जिसकी कीमत ऊपरी मूल्य बैंड पर 13,800 रुपये होगी। बीसीसीएल कर्मियों को प्रति शेयर एक रुपये की छूट दी जाएगी।
13 जनवरी तक जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके धन की वापसी की प्रक्रिया इसके बाद शुरू की जाएगी, जबकि सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर जमा कर दिए जाएंगे।
काला हीरा की चमक कभी कम नहीं होती : सीएमडी
बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि कोयला काला हीरा है और इसकी चमक कभी कम नहीं होती। देश को कोकिंग कोल की निरंतर आवश्यकता है। बारिश के कारण अस्थायी रूप से उत्पादन प्रभावित हुआ है, लेकिन कंपनी उत्पादन और डिस्पैच में तेजी से सुधार कर रही है।
उन्होंने बताया कि बीसीसीएल ने वित्त वर्ष 2030 तक अपना राजस्व बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है। वाश्ड कोकिंग कोल के उत्पादन में वृद्धि से भारत की विदेशी कोकिंग कोल आयात पर निर्भरता कम होगी।
बीसीसीएल ने वित्त वर्ष 2029-30 तक के लिए पांच वर्षीय रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत कोयला धुलाई क्षमता बढ़ाकर स्टील उद्योग को उच्च गुणवत्ता वाला कोकिंग कोल उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य कोयला उत्पादन को वर्तमान 40.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 56 मिलियन टन करना है।
वर्तमान में कोयला धुलाई की क्षमता 13.65 मिलियन टन है, जिसे बढ़ाकर 27 से 28 मिलियन टन (लगभग दोगुना) करने की योजना है। इसके लिए तीन नई वाशरी का निर्माण किया जा रहा है।
सीएमडी ने बताया कि कंपनी कोल बेड मीथेन परियोजना पर भी काम कर रही है, जिसका व्यवसायिक उत्पादन अगले दो वर्षों में शुरू होने की संभावना है। इससे खदानों में मौजूद मीथेन गैस से होने वाले खतरों में भी कमी आएगी। फिलहाल मुनीडीह क्षेत्र में इस पर कार्य जारी है।
BCCL IPO की पांच बड़ी खासियतें
सरकारी कंपनी का भरोसा: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) एक सरकारी उपक्रम है, जिससे निवेशकों को स्थिरता और भरोसे का लाभ मिलता है। कंपनी देश की प्रमुख कोकिंग कोल उत्पादक है, जिसकी मांग स्टील उद्योग में लगातार बनी रहती है।
मजबूत बिजनेस मॉडल: बीसीसीएल का मुख्य फोकस कोकिंग कोल उत्पादन, कोयला धुलाई (वाशरी) और डिस्पैच पर है। वाश्ड कोकिंग कोल की बढ़ती मांग से कंपनी के मार्जिन और राजस्व में सुधार की संभावना है।
आकर्षक मूल्य दायरा: IPO का मूल्य बैंड ₹21–23 प्रति शेयर रखा गया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹13,800 (एक लॉट – 600 शेयर) है, जो छोटे निवेशकों को भी भागीदारी का अवसर देता है।
भविष्य की विकास योजना (ग्रोथ रोडमैप): बीसीसीएल ने 2030 तक कोयला उत्पादन 40.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 56 मिलियन टन करने और कोयला धुलाई क्षमता को लगभग दोगुना करने की योजना बनाई है। इससे दीर्घकालीन ग्रोथ को बल मिलेगा।
आयात निर्भरता घटाने में भूमिका: वाश्ड कोकिंग कोल उत्पादन बढ़ने से भारत की विदेशी कोकिंग कोल आयात पर निर्भरता कम होगी। यह न केवल कंपनी बल्कि देश की औद्योगिक रणनीति के लिहाज से भी सकारात्मक संकेत है।
निवेशकों के लिए संकेत: बीसीसीएल आइपीओ उन निवेशकों के लिए खास हो सकता है जो लंबी अवधि, सरकारी कंपनियों में भरोसा और कोर इंडस्ट्री से जुड़े अवसर तलाश रहे हैं।
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