सुरक्षा से लेकर कैटरिंग तक... 52 हफ्ते 52 सुधार करेगा भारतीय रेलवे
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/08/article/image/Indian-Railways-(3)-1767896994843.jpg52 हफ्ते 52 सुधार करेगा रेलवे
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए अत्यधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और भरोसेमंद बनने की दिशा में तेज कदम बढ़ा रहा है। नए साल में सर्वोच्च प्राथमिकता यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर होगी। इसी सिलसिले में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को रेल भवन में राज्य मंत्रियों एवं शीर्ष अधिकारियों के साथ विमर्श किया।
इसमें चालू वर्ष के 52 सप्ताह में 52 बड़े सुधार का संकल्प लिया गया, यानी हर सप्ताह एक ठोस सुधार लागू करने का लक्ष्य। इसका सीधा फायदा रेल यात्रियों को मिलेगा। इससे काम करने की रफ्तार बढ़ेगी, व्यवस्था पारदर्शी होगी और सेवाएं समय पर मिलेंगी।
प्रत्येक सप्ताह एक ठोस सुधार लागू करने का लक्ष्य
रेलवे में सुरक्षा को लेकर बीते वर्षों में बड़ा सुधार हुआ है। वर्ष 2014-15 में जहां गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 135 थी, वह 2025-26 में घटकर सिर्फ 11 रह गई है। यह लगभग 90 प्रतिशत की कमी है। रेल मंत्रियों ने अधिकारियों को अब इसे लेकर नया लक्ष्य दिया है।
कहा है कि रेलवे में प्रत्येक स्तर पर इतनी सतर्कता बरती जाए कि दुर्घटनाओं को शून्य पर लाया जा सके। इसका मतलब है कि ट्रेन यात्रा पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित होगी। रेलवे ने आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का तेजी से इस्तेमाल करने का भी संकल्प लिया है।
रेल दुर्घटनाओं को शून्य पर लाने का नया लक्ष्य
इससे पटरियों की जांच, ट्रेनों का रखरखाव और संचालन पहले से बेहतर होगा। समय पर खराबी पकड़ में आएगी और यात्रियों को देरी या असुविधा कम झेलनी पड़ेगी। रेल मंत्री का जोर अच्छी सेवा के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी है। उन्होंने कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने, नई ट्रेनिंग व्यवस्था और हुनर विकास के नए तरीकों पर चर्चा की।
इससे स्टेशन से लेकर ट्रेन तक यात्रियों से बेहतर व्यवहार और तेज सेवा मिलेगी। रेलवे के पास एक बड़ी शिकायत खान-पान को लेकर भी आती है। अश्विनी वैष्णव ने ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता, कैटरिंग और ट्रेन में मिलने वाली अन्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े सुधारों का फैसला लिया है।
खान-पान और यात्री सेवाओं में बड़े सुधार होंगे
इसका सीधा लाभ लंबी दूरी के यात्रियों को मिलेगा। बैठक में अधिकारियों ने अपने क्षेत्र के अनुभव साझा किए और ढांचे के विकास, रखरखाव और क्षमता बढ़ाने के कार्यों की समीक्षा की गई। रेल मंत्रालय ने साफ किया कि सुधार, सुरक्षा, तकनीक और यात्रियों की सुविधा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत ¨सह बिट्टू समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
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