पंचकूला के आबादी एरिया में फिर दिखा तेंदुआ, कैंट एरिया में कुत्ते को दबोचकर ले गया, लोगों में दहशत
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/08/article/image/653-1767872345241.jpg24 घंटों में दो बार तेंदुए की मूवमेंट सामने आने के बावजूद वह अब तक पकड़ में नहीं आ सका।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। शहर में रिहायशी इलाकों के आसपास जंगल के खूंखार शिकारी तेंदुए की लगातार मूवमेंट से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ताजा मामला चंडीमंदिर आर्मी कैंट एरिया के नजदीक का है, जहां एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसके बाद चंडीमंदिर आर्मी यूनिट ने फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से संपर्क कर रेकी और जाल बिछाने की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, वीरवार तड़के करीब सुबह 4 बजे हॉस्पिटल एमटी एरिया के पास तेंदुए को देखा गया। तेंदुआ रेलवे ट्रैक साइड से आया और एक कुत्ते पर हमला कर उसे दबोचकर वापस उसी दिशा में भाग गया। इससे पहले मंगलवार-बुधवार रात 9:15 बजे ओल्ड स्टेशन वर्कशॉप लोकेशन के पास और सोमवार रात करीब 9:30 बजे शिवालिक बर्ड सैंक्चुअरी व चीता हेलीकॉप्टर डिस्प्ले के पास भी तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली थी।
बीते 24 घंटों में दो बार तेंदुए की मूवमेंट सामने आने के बावजूद वह अब तक पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुआ अचानक दिखाई देता है और फिर जंगल की ओर गायब हो जाता है। खास चिंता की बात यह है कि वह जंगल के भीतर जाने के बजाय आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में ही मूवमेंट कर रहा है, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है, विशेषकर बच्चों के लिए।
यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या यह वही तेंदुआ है जो 27 दिसंबर को सेक्टर-6 के रिहायशी इलाके में घुसा था, या फिर किसी अन्य तेंदुए की नई मूवमेंट है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। चंडीमंदिर आर्मी की टीम फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के साथ लगातार संपर्क में है और सर्च व मॉनिटरिंग ऑपरेशन में पूरा सहयोग कर रही है। कैंट एरिया के निवासियों को मोबाइल पर लगातार एडवाइजरी भेजी जा रही है।
आर्मी यूनिट ने जारी की एडवाइजरी
[*]अकेले बाहर न निकलें
[*]दरवाज़े और खिड़कियां बंद रखें
[*]बच्चों और पालतू जानवरों को बाहर न रखें
[*]रात में टहलने से बचें
[*]दिन निकलने तक बाहर न निकलें, विशेषकर मेस में रहने वाले
[*]तेंदुआ दिखने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दें
[*]प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है।
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