संतकबीरनगर के मगहर में बनेगा टेक्सटाइल व सिल्क पार्क, ग्राउंड सर्वे कराने की प्रक्रिया शुरू
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/08/article/image/textiel-1767855619101.jpgतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। संतकबीरनगर के मगहर समेत प्रदेश के चार जिलों में बंद पड़ी कताई मिल की जमीन पर नए सिरे से टेक्सटाइल और सिल्क पार्क विकसित किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने इसके लिए ग्राउंड सर्वे कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सर्वे रिपोर्ट आने के बाद मगहर स्थित बंद कताई मिल परिसर में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना का रास्ता साफ हो जाएगा।हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय के संयुक्त आयुक्त प्रमोद चंद्र ठाकुर की ओर से जारी पत्र के अनुसार प्रदेश के चार जिलों-संतकबीरनगर (मगहर), जेपी नगर (अमरोहा), बरेली (बहेड़ी) और बिजनौर (नगीना) में बंद पड़ी कताई मिल की जमीन पर टेक्सटाइल और सिल्क पार्क विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। इन स्थानों पर उपलब्ध भूमि की स्थिति, उपयोगिता और आवश्यक बुनियादी ढांचे का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वे कराया जाएगा।
विभाग की ओर से सहायक आयुक्त ने संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के तहत संबंधित जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर भूमि मांग सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि टेक्सटाइल और सिल्क से जुड़ी इकाइयों के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता है, कौन सा स्थान सबसे उपयुक्त होगा और भूमि आवंटन के बाद इकाइयों की स्थापना कितनी व्यावहारिक है।
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सर्वे रिपोर्ट में सीईटीपी (कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट), बायलर, बिजली, पानी, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं की जरूरतों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता ऐसे निवेशकों को देने की है, जिन्होंने पहले से ही राज्य सरकार के साथ निवेश को लेकर एमओयू किया है।
टेक्सटाइल और सिल्क पार्क की स्थापना से न सिर्फ बंद पड़ी औद्योगिक संपत्तियों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। खासकर मगहर जैसे क्षेत्रों में इससे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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