18 राज्यों पर भारी पड़ी संभल की बेटी ने इंटरव्यू में ऐसा क्या कहा कि शिवराज सिंह के साथ मंच साझा करने का मिला न्योता?
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/07/article/image/shivraj-1767804329041.jpgशिवराज सिंंह चौहान और अनुपमा सिंंह
संवाद सहयोगी, जागरण, बहजोई। जनपद के बनियाखेड़ा गांव की अनुपमा सिंह की कहानी आज ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बन चुकी है। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर अब नई दिल्ली के राष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उनको केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करने का अवसर मिलेगा।
48 वर्षीय अनुपमा सिंह मास्टर आफ सोशल वर्क की शिक्षा प्राप्त किए हुए हैं। वह भी पहले सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह आर्थिक संघर्षों से जूझ रही थीं। जानकी स्वयं सहायता समूह और द्वारिकाधीश प्रेरणा संकुल समिति से जुड़ने के बाद उन्होंने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।
आय बढ़ाई और अन्य को दिया रोजगार
गोमय उत्पाद और ब्यूटी पार्लर को उद्यम के रूप में अपनाकर उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा। वर्तमान में उनके साथ सक्रिय रूप से 23 महिलाएं जुड़ी हैं, जबकि आवश्यकता के अनुसार 70 महिलाएं भी उनके साथ कार्य करती हैं। उनका वार्षिक कारोबार अब लगभग 25 लाख रुपये तक पहुंच चुका है।
इसमें होली पर हर्बल गुलाल, रसगुल्ले, ब्यूटी पार्लर सेवाएं, मोटे अनाज के लड्डू और अन्य गोमय उत्पाद शामिल हैं। अपने उद्यम को विस्तार देने के लिए अनुपमा सिंह ने आधुनिक मशीनों में भी निवेश किया है। उन्होंने एक मशीन 1.20 लाख रुपये की, एक मशीन 80 हजार रुपये की और 35- 35 हजार रुपये की दो मशीनें खरीदी हैं, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई है।
तीन मिनट में बतानी थी उपलब्धियां
पांच जनवरी को ग्रामीण विकास मंत्रालय और कृषि कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया में देश भर की लखपति दीदियों का साक्षात्कार हुआ। नियम के अनुसार प्रत्येक प्रतिभागी को केवल तीन मिनट में अपनी उपलब्धियां और उद्यम यात्रा बतानी थी। इस प्रक्रिया में पहले ही चरण में 18 राज्यों की लखपति दीदियां बाहर हो गईं।
इसके बाद लगातार कई राउंड चले। जहां अधिकांश प्रतिभागी तय समय में अपनी बात रखकर बाहर हो गईं, वहीं अनुपमा लगातार हर राउंड में चयनित होती रहीं। तीन मिनट की सीमा के बावजूद वह करीब 35 मिनट तक चले साक्षात्कार क्रम में बनी रहीं और आखिरकार चयनित हुईं।
ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
उत्तर प्रदेश से केवल संभल की अनुपमा सिंह और बिजनौर की सुमन इसमें पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन में अनुपमा सिंह ने बाजी मार ली। देश भर से 14 लखपति दीदियों को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। मगर मंच पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच साझा करने का अवसर केवल उन्हें को मिलेगा।
वह उत्तर प्रदेश की इकलौती महिला और देश की पहली लखपति दीदी होंगी, जो इस मंच पर संवाद करेंगी। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि में डीएम डा. राजेंद्र पैंसिया और सीडीओ गोरखनाथ भट्ट के सतत मार्गदर्शन और सहयोग की अहम भूमिका रही है। उनकी यह उड़ान आज संभल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
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