deltin33 Publish time 2026-1-7 21:26:45

Jabalpur High Court में कोल इंडिया प्रबंधन रखेगा पक्ष, वेतन विसंगति दूर करने के निर्देश

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कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतनमान पर जबलपुर हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला।



जागरण संवाददाता, धनबाद। Jabalpur High Courtः कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कोयला मंत्रालय द्वारा गठित समिति की सिफारिशों को लागू करने की दिशा में निर्देश दिए हैं, जिससे कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है।

बुधवार को कनीय अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह माना कि 11वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (एनसीडब्ल्यूए-11) के बाद कर्मचारियों का वेतन कई मामलों में अधिकारियों से अधिक हो गया, जिससे स्पष्ट वेतन विसंगति उत्पन्न हुई। इसी विसंगति को दूर करने के लिए मामला न्यायालय तक पहुंचा था।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कोयला मंत्रालय ने संयुक्त सचिव भवानी प्रसाद पत्ती के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को कोल इंडिया के अधिकारियों के पे-ग्रेड अपग्रेडेशन पर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत कीं, जिस पर हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया।

समिति ने सिफारिश की है कि कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतनमान को अन्य महारत्न कंपनियों जैसे ओएनजीसी और एनटीपीसी के समकक्ष लाया जाए। कोयला मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इसके तहत कोल इंडिया के अधिकारियों को भी अन्य महारत्न कंपनियों के अधिकारियों की तरह वेतन और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

न्यायालय ने इससे पहले 7 जनवरी को इस मामले में कोयला सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। कनीय अधिकारियों ने याचिका में कहा था कि वेतन समझौते के बाद उत्पन्न विसंगति के कारण उनके पद और जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है, जिसे ठीक किया जाना आवश्यक है।

समिति की सिफारिशों के अनुसार वेतन वृद्धि का प्रभाव 2021 से माना जाएगा, जबकि वेतन फिटमेंट वर्ष 2017 से किया जाएगा। इसके अनुरूप अधिकारियों को बकाया एरियर भी दिया जाएगा। अनुमान है कि इस पे-स्केल अपग्रेडेशन से कंपनी पर सालाना लगभग 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

अनुशंसित नए वेतनमान के तहत ई-वन ग्रेड के अधिकारियों का न्यूनतम वेतन 40,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये किया जाएगा। विभिन्न ग्रेड के लिए संशोधित वेतनमान तय किए गए हैं, जिनमें निदेशक और सीएमडी स्तर तक वेतन संरचना को उन्नत किया गया है।

कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन सहित विभिन्न अधिकारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। बीसीसीएल शाखा के अफसर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि यह कोयला अधिकारियों की लंबी लड़ाई की जीत है।

उन्होंने कहा कि 2017 से वेतन फिटमेंट और 2021 से बढ़ोतरी का लाभ मिलना तय है। कोल इंडिया प्रबंधन औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही इसे लागू करेगा। इस फैसले से अधिकारियों में व्यापक खुशी देखी जा रही है।
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