Chikheang Publish time 2026-1-7 19:57:06

टीबी के कम संभावित मामले वाले जिलों में बढ़ाएं जांच, अपर मुख्य सचिव ने कहा- टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति दें

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स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने टीबी की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।



राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने उन जिलों में टीबी की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं जहां इसके कम संभावित मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने इसके कारणों की समीक्षा कर जांच बढ़ाने को कहा है।

उन्होंने बुधवार को राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) की राज्य टीबी फोरम की बैठक की में ये निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव ने सभी सरकारी विभागों को अपने-अपने विभागों के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील समूहों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करते हुए निक्षय पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि के निर्देश दिए।

इसके साथ उद्योग विभाग को नि-क्षय मित्र पहल के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने एवं सहयोग प्रदान करने के लिए आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए।

राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डा. कमलेश कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत जोखिम वाले समूहों एवं क्षेत्रों में निक्षय वाहन, मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं हैंड-हेल्ड एक्स-रे के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की खोज तेज की जा रही है।

बैठक में बताया गया कि धनबाद में कल्चर ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग (सीडीएसटी) लैब पूर्ण रूप से क्रियाशील हो चुकी है, जिससे आइआरएल इटकी, रांची का भार कम हुआ है।

रिम्स में सीडीएसटी लैब का सुदृढ़ीकरण पूरा कर लिया गया है, जिसका उद्घाटन शीघ्र किया जाएगा। डाक विभाग के सहयोग से नमूना एवं परिवहन सेवा की शुरुआत रांची में की गई है, जिसे 15 जनवरी तक पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

राज्य के 18 जिलों में पंचायत टीबी फोरम का गठन किया जा चुका है और रांची, चतरा, लातेहार, जमशेदपुर, बोकारो, कोडरमा एवं गिरिडीह जिलों में हैंड-हेल्ड एक्स-रे उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सामुदायिक स्तर पर स्क्रीनिंग को बढ़ावा मिलेगा।
टीबी मरीजों की पहचान के लिए नैट जांच बढ़ाने के निर्देश

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनभागीदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (नैट) जांच की संख्या बढ़ाने, सभी पंचायतों में टीबी फोरम के गठन, निक्षय मित्रों की संख्या में वृद्धि तथा टीबी मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में राज्य में चरणबद्ध तरीके से 134 अतिरिक्त हैंड-हेल्ड एक्स-रे की तैनाती, 24 जिलों में ट्रूनेट मशीनों की खरीद, उपकरणों के एनुअल मेंटेनेंस काॅन्ट्रैक्ट (एएमसी), नियमित जिला टीबी पदाधिकारियों की नियुक्ति एवं आगामी 100 दिवसीय टीबी अभियान की तैयारी पर भी चर्चा की गई।
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