हिजाब विवाद: डॉ. नुसरत परवीन ने ज्वाइन की ड्यूटी, विभाग में दिया योगदान, कहां हुई पोस्टिंग?
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/07/article/image/Health-1767789649949.jpgआयुष चिकित्सक नुसरत परवीन ने दिया योगदान।
जागरण संवाददाता, पटना। हिजाब विवाद से चर्चा में आईं आयुष चिकित्सक डॉ. नुसरत परवीन ने आखिरकार 23 दिनों बाद अपनी नौकरी ज्वाइन कर ली है।
उन्होंने सिविल सर्जन के पास नहीं जाकर सीधे विभाग में योगदान दिया है। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि उनकी पोस्टिंग गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल (जीजीएस हॉस्पिटल), पटना सिटी में की गई। ज्वाइनिंग का 7 जनवरी को आखिरी दिन था।
15 दिसंबर को हुआ था प्रकरण
गौरतलब है कि नुसरत परवीन उस समय चर्चा में आ गई थी, जब 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इस मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया। यहां तक पाकिस्तान से भी प्रतिक्रिया आने लगी। देश के कई नेताओं ने इसकी आलोचना की थी।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का बयान भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने आयुषचिकित्सक को मनचाही पोस्टिंग और तीन लाख सैलरी का ऑफर दिया था।
वीडियो में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के व्यवहार को लेकर व्यापक आलोचना और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इस घटना के बाद से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या डाॅ. नुसरत परवीन आयुष चिकित्सक के रूप में अपना पदभार संभालेंगी या नहीं।
दो बार बढ़ी ज्वाइनिंग तिथि
बीच में कॉलेज के प्रिंसिपल और नुसरत की एक क्लासमेट ने दावा किया था कि वे सदर अस्पताल में ज्वाइन करेंगी। हालांकि उस दिन उन्होंने योगदान नहीं दिया था।
20 दिसंबर को ज्वाइनिंग की अंतिम तिथि थी। इसके बाद डेट 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया था, लेकिन उनकी ज्वाइनिंग नहीं हुई।
जबकि इसी बैच के 63 अन्य आयुष चिकित्सक पहले ही अपनी-अपनी जगहों पर योगदान कर चुके हैं। इसके बाद फिर 7 जनवरी तक डेट बढ़ाया गया। आखिरी दिन विभाग में उन्होंने योगदान दिया। अब लगता है कि ज्वाइनिंग के साथ ही इस मामले का पटाक्षेप हो गया है।
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