LHC0088 Publish time 2026-1-7 17:56:34

नालंदा में शीतलहर का कहर, कूड़ा जुटाकर अलाव जलाने को मजबूर हुए लोग; जनजीवन अस्त-व्यस्त

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नालंदा में शीतलहर का कहर



संवाद सूत्र, करायपरसुराय। व्याप्त शीतलहरी के कारण करायपरसुराय प्रखंड में लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है। आर्थिक रूप से संपन्न लोग ठंड से बचाव के लिए जहां गर्म कपड़े, रूम हीटर, ब्लोअर का सहारा ले रहे हैं तो वहीं गरीब लोगों का हाल बेहाल है।

इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण प्रखंड में लोगों का हाल बेहाल है। व्याप्त शीतलहरी के कारण सुबह में लोग 7 - 8 बजे के बाद ही घर से बाहर निकलना शुरू करते हैं। वहीं शाम 6 बजे के बाद सड़के सुनसान हो जाती हैं।
कूड़ा बीनकर अलाव जलाने को मजबूर

जरूरी कार्यवश ही लोग 6 बजे के बाद बाहर निकलते हैं। ठंड से बचाव के लिए आर्थिक रूप से संपन्न लोग गर्म कपड़े, ब्लोअर तथा रूम हीटर का सहारा ले रहे हैं। वहीं पैसे के अभाव में गरीब गुरवा लोग सड़कों के इर्द-गिर्द कूड़ा बीनकर इसे जलाकर ठंड से अपना बचाव कर रहे हैं। ठंड से लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है।

अंचलाधिकारी प्रभात कुमार गोंड ने बताया कि ठिठुरन से जूझ रहे असहाय लोगों के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर अलग की व्यवस्था की गई है। पीएचसी के निकट,डियांवा सड़क के किनारे तथा बाजार में दो जगहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। मात्र 4 जगहों पर अलाव की व्यवस्था कर प्रखंड प्रशासन द्वारा खानापूर्ति की गई है।
मरीजों की संख्या में हो रही वृद्धि

अंचलाधिकारी ने कहा कि असहाय लोगों को वितरित किए जाने को लेकर 50 कंबल उपलब्ध कराया गया है जिसमें से 15 कंबल वितरित की जा चुकी है। ठंड के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करायपरसुराय में इलाज कराने को लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है।
हर दिन आते हैं 60-65 मरीज

पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि सुबह के 9 बजे से दोपहर के 1 बजे तक खुले रहने वाले ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। प्रत्येक दिन 60 से 65 मरीज आते हैं जिसमें से अधिकांश खांसी, सर्दी, बुखार जैसे बीमारी से ग्रसित रहते हैं।

उन्होंने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि ठंड बढ़ रहा है इसलिए अपने आप को वातावरण से बचाव करना है। उन्होंने मधुमेह तथा रक्तचाप से लोगों को जो सुबह में टहलने के लिए बाहर निकलते हैं उन्हें सलाह देते हुए कहा कि कड़ी धूप निकालने के बाद ही वह टहलने के लिए बाहर जाएं। गर्म कपड़े पहने, गर्म पानी पिए तथा नाक, कान को ढक कर बाहर निकलें।
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