गोरखपुर में 50 लाख की बरामदगी से खुला राजस्थान-नेपाल हवाला नेटवर्क का राज, डेढ़ साल से सक्रिय था गिरोह
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/07/article/image/Rupee-1767773605848.jpgपुराने मामलों की कड़ियों को जोड़कर पुलिस व खुफिया एजेंसी कर रही जांच। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नेपाल जाते समय गोरखपुर में 50 लाख रुपये के साथ पकड़े गए हैंडलर से पूछताछ में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे पुलिस और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। जांच में सामने आया है कि गोरखपुर में किराए पर रह रहे राजस्थान के बीकानेर निवासी दो भाई बीते डेढ़ वर्ष से नेपाल तक बड़ी मात्रा में नकदी भेजने के नेटवर्क से जुड़े थे। दोनों के अचानक गायब हो जाने और बीकानेर में बताए गए पते के गलत निकलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं।
पूछताछ में सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैंडलर राजीव जायसवाल से मिली जानकारियों ने इस पूरे नेटवर्क को और संदिग्ध बना दिया है। एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ स्थानीय स्तर का मामला नहीं है, बल्कि इसमें राजस्थान से नेपाल तक फैला संगठित हवाला नेटवर्क सक्रिय है।
खासकर नेपाल की राजधानी काठमांडू में भी राजस्थान के कुछ कारोबारी सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिनका इस नेटवर्क से सीधा या परोक्ष संबंध हो सकता है।जांच एजेंसियों के अनुसार बीकानेर के जिन व्यापारियों का नाम सामने आया है, वे मसाला कारोबार की आड़ में डेढ़ वर्ष से गोरखपुर में रह रहे थे।
यहीं से नकदी एकत्र कर एजेंटों के जरिए नेपाल सीमा तक भेजी जाती थी। गोरखपुर का इस्तेमाल ट्रांजिट सेंटर के रूप में किया जा रहा था, जहां से रकम सिद्धार्थनगर और महराजगंज के रास्ते नेपाल पहुंचाई जाती थी।मामला सामने आने के बाद जिस तरह से दोनों भाई लापता हुए और उनके मोबाइल फोन बंद हैं, उससे साफ है कि उन्हें कार्रवाई की भनक पहले ही लग गई थी।
अब गोरखपुर पुलिस ने बीकानेर पुलिस से संपर्क कर वहां उनके वास्तविक कारोबार की जानकारी जुटा रही है।खुफिया एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क नया नहीं है। छह माह पहले महराजगंज के ठूठीबारी और सिद्धार्थनगर में पकड़ी गई नकदी की घटनाएं भी इसी नेटवर्क से जुड़ी मानी जा रही हैं।30 सितंबर 2025 को सिद्धार्थनगर के बढ़नी क्षेत्र में नेपाल सीमा के पास 40 लाख रुपये के साथ गोरखपुर के दो युवक पकड़े गए थे।
पूछताछ में सामने आया था कि उन्होंने यह रकम राजेंद्रनगर में चंद्रा पेट्रोल पंप के पास से उठाई थी। इसी तरह एक जुलाई 2025 को महराजगंज जिले के ढूंढीबारी क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने शाहपुर क्षेत्र में रहने वाली एक महिला और एक नेपाली युवक को सात लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था।
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इन दोनों मामलों में भी नेपाल कनेक्शन सामने आया था, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ सकी थी।अब दो जनवरी को रेलवे स्टेशन रोड़ पर 50 लाख की बरामदगी के बाद एजेंसियां उन पुराने मामलों की फाइलें भी फिर से खोल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकदी की आवाजाही किन-किन रास्तों से और किन लोगों के जरिए हो रही थी।
सबसे बड़ा सवाल कहां हो रहा धन का उपयोग
सुरक्षा एजेंसियों का स्पष्ट मानना है कि सीमापार नकदी की इस तरह की आवाजाही देशहित में नहीं है। हवाला नेटवर्क के जरिए भेजी जा रही रकम का इस्तेमाल किस गतिविधि में हो रहा है, यह भी जांच का अहम बिंदु है।अधिकारियों का कहना है कि राजीव जायसवाल से पूछताछ, मोबाइल काल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और बैंकिंग लेन-देन के आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, राजस्थान, गोरखपुर और नेपाल से जुड़े इस हवाला कनेक्शन की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
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