LHC0088 Publish time 2026-1-7 12:56:39

नया साल भी काट रहा चांदी, बनारस के सराफा बाजार भाव ने सहालग से पहले चौंकाया

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ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के लिए चांदी की कीमतों से लाभ लेने का माहौल है।



जागरण संवाददाता, वाराणसी। सोने के बाद अब चांदी की बढ़ती कीमतों ने भी बनारस के सर्राफा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। कभी काशी की महिलाओं की पहचान रही रेशमी पाजेब, पायल और बिछिया की झंकार अब बाजारों से लगभग गायब हो गई है। गोदौलिया, चौक, विश्वेश्वरगंज जैसे प्रमुख सर्राफा इलाकों में ग्राहकों की आवाजाही कम होने से दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

बीते साल जनवरी माह में चांदी की कीमत करीब 80 से 90 हजार रुपये प्रति किलोग्राम थी। नए साल के पहले मंगलवार को चांदी एक दिन में 13 हजार बढ़ोतरी के साथ 2,55,600 रुपये प्रतिकिलो ग्राम तक पहुंच गई। अभी 10 दिन पहले चांदी 2.62 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। जबक‍ि बुधवार को चां

चार दिन बाद नए साल के पहले दिन एक जनवरी को दाम में लगभग 27 हजार की गिरावट के साथ 2.35 लाख रुपये प्रतिकिलो ग्राम तक पहुंच गई। एक बार फिर चांदी की कीमत में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। इस बेतहाशा तेजी ने चांदी को आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर कर दिया है। वहीं प्रति सैकड़ा चांदी का सिक्का ढाई लाख रुपये तक पहुंच गया।

महिलाओं ने खरीदारी से मुंह मोड़ा
महिलाओं का कहना है कि अब भारी आभूषणों की जगह हल्के और डिजाइनदार गहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। आरती चौहान ने बताया कि दाम बढ़ने से पसंद बदलनी पड़ रही है। श्वेता पाठक का कहना है कि महंगाई के कारण त्योहार और शादी-विवाह के लिए आभूषण खरीदना मुश्किल होता जा रहा है।

बोले कारोबारी

[*]दामों में स्थिरता न होने से न तो ग्राहक खरीदारी का मन बना पा रहे हैं और न ही व्यापारी सही ढंग से कारोबार कर पा रहे हैं। - रवि वर्मा, नदेसर।



30 साल पहले सोना तीन हजार रुपये प्रति 10 ग्राम था आज चांदी की कीमत प्रति 10 ग्राम दो हजार हो गए। चांदी महंगी होने से काम प्रभावित हुआ है।
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अनिकेश गुप्ता, गोदौलिया।
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