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Makar Sankranti 2026: 14 जनवरी से शुरू होंगे शुभ काम, मकर संक्रांति पर ही क्यों खत्म होता है खरमास?

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खरमास की विदाई संक्रांति पर ही क्यों? (Image Source: AI-Generated)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का त्योहार सिर्फ पतंग उड़ाने या खिचड़ी तक सीमित नहीं है। बल्कि, यह समय की गणना में एक बहुत बड़ा बदलाव लाता है। 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के साथ ही \“खरमास\“ (जिसे मलमास भी कहते हैं) का समापन हो जाएगा। इसी के साथ, एक महीने से रुके हुए सभी शुभ कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। आइए जानते हैं मकर संक्रांति और खरमास की विदाई से जुड़ी ये दिलचस्प कहानी, जिससे कम लोग ही वाकिफ हैं।
1. खरमास की विदाई और शुभ शुरुआत

16 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ खरमास 14 जनवरी 2026 को खत्म होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव धनु राशि (गुरु की राशि) को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं, तब उसे मकर संक्रांति कहा जाता है। सूर्य के मकर राशि में आते ही \“खरमास\“ का अशुभ समय समाप्त हो जाता है और शहनाइयां बजने का साथ ही सारे रुके शुभ काम शुरू हो जाते हैं।
2. मकर संक्रांति पर ही क्यों खत्म होता है खरमास?

इसके पीछे तीन मुख्य कारण माने जाते हैं:

गुरु के प्रभाव से मुक्ति: जब सूर्य अपने मित्र बृहस्पति (गुरु) की राशि में होते हैं, तो सूर्य का तेज थोड़ा धुंधला पड़ जाता है, जिसे खरमास कहते हैं। मकर राशि में प्रवेश करते ही सूर्य फिर से अपने पूर्ण प्रभाव में आ जाते हैं।

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(Image Source: Freepik)

उत्तरायण का प्रारंभ: मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। शास्त्रों में उत्तरायण को \“देवताओं का दिन\“ माना गया है, इसलिए इस समय से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है।

पौराणिक कथा (गधों की कहानी): एक कथा के अनुसार, जब सूर्य देव के घोड़े थक गए, तो उन्होंने रथ में दो गधों (खर) को जोड़ लिया। गधों की धीमी गति के कारण सूर्य का तेज कम हो गया और वह महीना \“खरमास\“ कहलाया। मकर संक्रांति के दिन सूर्य फिर से अपने शक्तिशाली घोड़ों के साथ अपनी यात्रा शुरू करते हैं।
3. अब होंगे ये मंगल कार्य

खरमास के समापन के साथ ही 14 जनवरी से सभी मंगल कार्य शुरू हो सकेंगे-

शादी-ब्याह: विवाह के शुभ मुहूर्त खुल जाएंगे।

गृह प्रवेश: नए घर में शिफ्ट होने के लिए यह सबसे अच्छा समय है।

मुंडन और जनेऊ: बच्चों के धार्मिक संस्कार फिर से किए जा सकेंगे।

नया व्यापार: नई दुकान या बिजनेस शुरू करने के लिए भी रास्ते खुल जाएंगे।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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