हीमोफीलिया की जांच के लिए रोगियों को नहीं जाना होगा लखनऊ, BRD में फोगास मशीन उपलब्ध
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/07/article/image/BRD_News-1767762374441.jpgगोरखपुर मेडिकल कॉलेज। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें प्रामाणिक जांच के लिए लखनऊ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बीआरडी मेडिकल कालेज में हीमोफीलिया की विस्तृत और उन्नत जांच सुविधा शुरू होने जा रही है। अभी तक कालेज में केवल हीमोफीलिया का प्रारंभिक स्क्रीनिंग टेस्ट ही उपलब्ध था। स्क्रीनिंग में संदेह होने पर मरीजों को सटीक कारण जानने के लिए लखनऊ रेफर किया जाता था, जिससे समय, धन और उपचार में देरी की समस्या होती थी।
मेडिकल कसलेज में अब ऐसी जांच की सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि मरीज के खून में थक्का किन कारणों से नहीं बन पा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार हीमोफीलिया केवल एक ही कारण से नहीं होता, बल्कि कई तरह के फैक्टर और सी प्रोटीन की कमी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है।
इन सभी कारणों की पहचान के लिए कुल 12 तरह की विशेष जांचें की जाती हैं। इन जांचों के लिए आवश्यक मशीन पहले से ही उपलब्ध है। केवल जरूरी रीएजेंट की खरीद होनी है। इसके लिए जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रीएजेंट उपलब्ध होते ही जांच सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा।
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प्राचार्य डा. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि अब तक स्थिति यह थी कि स्क्रीनिंग में हीमोफीलिया की आशंका होने पर मरीजों को यह जानने के लिए लखनऊ भेजा जाता था कि उन्हें कौन सा फैक्टर देना आवश्यक है। जांच रिपोर्ट आने तक उपचार शुरू नहीं हो पाता था। अब यह जांच यहीं हो जाएगी और उन्हें फैक्टर लगा दिया जाएगा।
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