गोरखपुर हादसे के बाद रामपुर में भड़का आक्रोश, भीड़ ने स्कॉर्पियो में की तोड़फोड़
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/07/article/image/gkpacci-1767761218036.jpgस्थिति संभालने के लिए कैंट व कोतवाली सर्किल से बुलाई गइ फोर्स। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रामपुर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद जब मौत की पुष्टि हुई तो माहौल पूरी तरह बदल गया। पहले जहां लोग घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे थे, वहीं जैसे ही आटो चालक भगवान दास और किशोर प्रिंस की मौत की खबर फैली, स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए और स्कार्पियो में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद पुलिस सभी घायलों और स्कार्पियो चालक को अस्पताल लेकर चली गई थी। उस समय स्थानीय लोगों को यह जानकारी नहीं थी कि दो लोगों की मौत हो चुकी है। जब कुछ देर बाद अस्पताल से आटो चालक और किशोर के दम तोड़ने की सूचना आई, तो लोगों में आक्रोश फैल गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल अतिरिक्त फोर्स मौके पर भेजी। कैंट थाने के साथ ही कोतवाली सर्किल की पुलिस भी रामपुर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद स्कार्पियो को कब्जे में लेकर हालात पर काबू पाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
ऑटो चालक के घर में पसरा मातम
हादसे में जान गंवाने वाले भगवान दास पासवान (40) डिभिया कैंट के रहने वाले थे और टेंपो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी दीपमाला और चार नाबालिग बेटे सन्नी, समीर, श्लोक और कुनाल हैं। भगवान दास की मौत की खबर मिलते ही घर में मातम पसर गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों का कहना है कि भगवान दास परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में अलाव ताप रहे लोगों को स्कॉर्पियो ने कुचला, तीन की मौत
संजय को थी न्यूरो से जुड़ी बीमारी
स्काॅर्पियो चला रहे संजय सिंह पाम पैराडाइज में रहते थे। उनके भाई का परिवार बिलंदपुर में रहता है। परिजनों ने बताया कि संजय सिंह न्यूरो से जुड़ी बीमारी से पीड़ित थे और स्क्रैप का काम करते थे। उनके दो बेटे हैं एक लंदन और दूसरा बेंगलुरु में रहता है। परिजनों के मुताबिक, संजय अपने एक दोस्त से मिलने के लिए घर से निकले थे।
Pages:
[1]