भारत में गाड़ियां बाईं ओर क्यों चलती हैं? दुनिया के ज्यादातर देश दाईं ओर क्यों करते हैं ड्राइव?
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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। आपने अक्सर हॉलीवुड की फिल्मों में लोगों को दाईं तरफ गाड़ियों को ड्राइव करते हुए देखा होगा। इसे देखने के बाद आपके मन में जरूर एक सवाल आता होगा कि आखिरकार विदेशों में गाड़ियां सड़क के दाईं तरफ क्यों चलती है और स्टीयरिंग व्हील बाई तरफ क्यों होता है। वहीं, भारत में आप लोगों को बाईं तरफ गाड़ियां चलाते हैं और स्टीयरिंग व्हील दाईं तरफ होता है। हम यहां आपके इसी कंफ्यूजन को दूर कर रहे हैं। आइए विस्तार में जानते हैं कि आखिरकार भारत में गाड़ियां बाईं ओर क्यों चलती हैं? दुनिया के ज्यादातर देश दाईं ओर ड्राइव क्यों करते हैं?
भारत में बाईं तरफ ड्राइविंग सिस्टम का इतिहास
पुराने समय में, जब घोड़ों की गाड़ियां चलती थी, तो लोग दाईं तरफ बैठकर गाड़ी चलाते थे ताकि वे अपने दुश्मनों पर नजर रख सकें। यह परंपरा ब्रिटेन से शुरू हुई, जहां लोग दाईं ओर बैठते थे और अपनी तलवारें बाईं ओर रखते थे। जब ब्रिटेन ने भारत पर शासन किया, तो उन्होंने यह परंपरा यहां भी लागू की। जब भारत आजाद हुआ, तो हमने इस परंपरा को बदलने का फैसला नहीं किया। इसके बजाय, हमने इसे अपनाया और आज भी हम बाईं ओर गाड़ी चलते हैं।
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दुनिया के ज्यादातर देश दाईं ओर गाड़ी चलाते हैं, क्योंकि वे फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों से प्रभावित हैं, जो दाईं ओर गाड़ी चलाने की परंपरा को मानते हैं।इसलिए, भारत में गाड़ियां बाईं ओर चलती हैं क्योंकि यह हमारी परंपरा और इतिहास का हिस्सा है। यह हमें दुनिया के अन्य देशों से अलग बनाता है और हमारी संस्कृति को दर्शाता है।
दुनिया के अधिकांश देश दाईं ओर ड्राइव करते हैं, और इसके पीछे कई ऐतिहासिक और व्यावहारिक कारण हैं। सबसे पहले, यह मध्ययुगीन यूरोप में शुरू हुआ, जहां अधिकांश लोग दाहिने हाथ के थे और तलवारें दाहिने हाथ में रखते थे। जब वे घोड़ों की सवारी करते थे, तो वे अपनी तलवार को बाईं ओर रखकर दूसरे व्यक्ति पर हमला करने के लिए तैयार रहते थे। इस प्रकार, वे दाईं ओर जाने वाले लोगों से मिलने पर अपनी तलवार को बाईं ओर रखकर उन्हें अपनी रक्षा करने के लिए तैयार रहते थे।
इसके अलावा, जब राजाओं और रानियों के शासनकाल में सड़कें बनाई जाती थीं, तो वे अपने सैनिकों को दाईं ओर रखने के लिए कहते थे ताकि वे अपनी तलवार से दुश्मनों पर हमला कर सकें। समय के साथ, यह परंपरा दुनिया भर में फैल गई और आज अधिकांश देश दाईं ओर ड्राइव करते हैं।
एक और कारण यह है कि अधिकांश वाहनों का स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर होता है, जो दाईं ओर ड्राइव करने वाले देशों में अधिक सुविधाजनक है। इसके अलावा, दाईं ओर ड्राइव करने से यातायात को नियंत्रित करना और दुर्घटनाओं को रोकना आसान हो जाता है।
भारत में बाईं तरफ ड्राइविंग सिस्टम की वजह
भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश तीनों देशों ने अपना सड़क और परिवहन प्रणाली ब्रिटिश शासन से विरासत में प्राप्त की है। ब्रिटेन ने 18वीं से 19वीं सदी के दौरान बाईं ओर चलने का नियम लागू किया था। उस समय कारें आम नहीं थीं। यह प्रणाली घुड़सवारी के युग से जुड़ी हुई है। वास्तव में, अधिकांश लोग दाएं हाथ से तलवार चलाते थे और सामने से आने वाले व्यक्ति पर नजर रखना आसान होता था।
जब ब्रिटिशों ने भारतीय उपमहाद्वीप में सड़कें, रेलवे और प्रशासनिक ढांचा बनाया, तो उन्होंने वही नियम लागू किए। आजादी के बाद, 1947 में भारत और पाकिस्तान, और फिर 1971 में बांग्लादेश के गठन के बाद, इन देशों ने इस सिस्टम को बदलने को अव्यावहारिक और बहुत महंगा समझा।
इस नियम को नहीं बदलने के पीछे कई कारण हैं। घनी आबादी और संकरी सड़कें बड़ी समस्याएं हैं। पहले से मौजूद वाहनों की संख्या भी एक मुख्य कारण है। इन सभी कारणों से राइड हैंड ड्राइव सिस्टम जारी रहा। पड़ोसी देश भी आमतौर पर एक ही साइड अपनाते हैं, ताकि सीमा पर अव्यवस्था और हादसे न हों। इससे यातायात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ती है।
दुनिया का बड़ा हिस्सा दाईं तरफ क्यों ड्राइव करता है?
आज लगभग 75 प्रतिशत देश लेफ्ट हैंड ड्राइव सिस्टम का पालन करते हैं, जिसका अर्थ है कि सड़क की दाईं ओर वाहन चलते हैं। इन देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूरोप के अधिकांश देश, चीन, रूस, दक्षिण अमेरिका और मिडिल ईस्ट शामिल हैं।
इसकी बड़ी वजह यूरोप और अमेरिका में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का तेजी विकास होना माना जाता है। फ्रांस में और बाद में अमेरिका में दाईं ओर ड्राइव करना स्टैंडर्ड बन गया। अमेरिका में फोर्ड जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर लेफ्ट हैंड ड्राइव गाड़ियों का उत्पादन किया। ये गाड़ियां सस्ती थीं और दुनिया भर में निर्यात की गईं, जिससे लेफ्ट हैंड ड्राइव सिस्टम एक वैश्विक मानक बन गया।
बाईं तरफ ड्राइव करने वाले देश
दक्षिण एशिया के अलावा, दुनिया भर में कई देश हैं जहां लोग बाईं तरफ गाड़ी चलाते हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जापान, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्से शामिल हैं। ये देश अपनी सड़कों पर बाईं तरफ ड्राइविंग को अपनाते हैं, जो दुनिया भर में एक आम बात है।
इन देशों में यातायात नियम और सड़क की व्यवस्था बाईं तरफ ड्राइव करने के अनुसार होती है। यहाँ की सड़कों पर चलने वाली गाड़ियां भी बाईं तरफ ड्राइव करने के लिए डिजाइन की जाती हैं। बाईं तरफ ड्राइव करने वाले देशों की सूची में और भी कई देश हैं, जिनमें से अधिकांश पूर्वी एशिया और अफ्रीका में हैं।
इन देशों में बाईं तरफ ड्राइव करने की वजह अक्सर इतिहास और परंपरा से जुड़ी होती है। उदाहरण के लिए, यूनाइटेड किंगडम में बाईं तरफ ड्राइव करने की परंपरा बहुत पुरानी है, और इसे वहां की सड़कों और यातायात नियमों में भी देखा जा सकता है।
जापान की कहानी है अलग?
जापान पर कभी ब्रिटेन का राज नहीं रहा, जिसकी वजह से वहां पर ब्रिटेन की कोई कॉलोनी नहीं बन पाई। इसके बावजूद भी वहां पर राइट हैंड ड्राइव सिस्टम है। इसके पीछे की वजह जापान का रेलवे सिस्टम है। जापान की शुरुआती रेलवे ब्रिटिश इंजीनियरों की मदद से बनाई गई थी और बाद में इसी नियम को सड़कों पर गाड़ियों को ड्राइव करने के लिए अपनाया गया। इसकी वजह से जापान में राइट हैंड ड्राइव सिस्टम है।
सूचना: आगे की खबरों में आपको इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस परमिट बनावाने के तरीके के बारे में बताया जाएगा। जागरण की खबरों के साथ बने रहें।
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