दिल्ली की सड़कों से बेसहारा गायों को हटाने के लिए बढ़ाए जाएं संसाधन, पार्षदों ने बजट में राजस्व बढ़ाने की रखी मांग
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/07/article/image/Delhi-Khabar-Update-(59)-1767733950824.jpgजागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के वित्तीय वर्ष 2025–26 के संशोधित बजट अनुमान एवं 2026–27 के बजट अनुमानों को लेकर स्थायी समिति में चल रही चर्चा के तहत मंगलवार को भी चर्चा हुई। इस दौरान पार्षदों ने एमसीडी का राजस्व बढ़ाने के साथ ही सड़कों से बेसहारा गायों को हटाने के लिए संसाधन बढ़ाने पर जोर देने की मांग की।
स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सुंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने वार्ड को आवारा गोवंशियों से मुक्त कर दिया है लेकिन दिल्ली के दूसरे वार्ड को भी यह करने के लिए काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा विभाग के पास इसके लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है।
उन्होंने कहा कि बजट में इस बार ऐसे प्रविधान किए जाए ताकि विभाग अपने संसाधनों की पूर्ति कर सके। इसके साथ ही पूर्व महापौर व स्थायी समिति की सदस्य नीमा भगत ने सड़क किनारे पार्किंग की व्यवस्थाएं शुरू करने और इसके व्यवस्थित करने की मांग की। वहीं उद्यान विभाग के संसाधन बढ़ाने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि तीन वर्षों के बाद पहली बार स्थायी समिति में पार्षदों को बजट पर विस्तार से चर्चा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान सभी पार्षदों द्वारा बजट से जुड़े महत्वपूर्ण, सार्थक और व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं, जिन्हें आगामी बजट में सम्मिलित किया जाएगा।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि यह बजट जनता की प्राथमिकताओं से कोसों दूर नजर आता है। बजट महज एक कागजी दस्तावेज के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली की बदहाल सफ़ाई व्यवस्था, बढ़ते प्रदूषण, एमसीडी स्कूलों की दुर्दशा और चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं जैसे जनहित से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाया।
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