Chikheang Publish time 2026-1-6 22:26:50

ड्रोन बना जीवनरक्षक, 30 मिनट में एम्स ऋषिकेश से 50 KM दूर पहाड़ पर पहुंचाई ढाई किलो दवा

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एम्स ऋषिकेश से टिहरी के लिए दवा लेकर जाता ड्रोन। एम्स प्रशासन



दीपक सेमवाल, जागरण ऋषिकेश (देहरादून): अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने एक बार फिर दुर्गम क्षेत्रों तक ड्रोन के माध्यम से दवा पहुंचाने में सफलता पाई है। ढाई किलो वजन की दवा लेकर ड्रोन ने मंगलवार को 50 किलोमीटर का सफर 30 मिनट में पूरा किया।

इस बार ड्रोन ने क्षय रोग (टीबी) रोग से लड़ने वाली दवाओं के साथ ही एंटीबायोटिक व अन्य दवाइयां से टिहरी तक पहुंचाई। दुर्गम क्षेत्रों तक जरूरतमंदों के लिए दवा पहुंचाने की पहल के बीच नये वर्ष में एम्स का यह पहला प्रयास है। तीन वर्ष में एम्स का ड्रोन अलग-अलग क्षेत्रों करीब 10 उड़ान भर चुका है। एम्स प्रशासन इससे उत्साहित है। जल्द ही राज्य के अन्य इलाकों को भी इस सेवा से जोड़े जाने पर विचार किया जा रहा है।

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राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों के उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश की ड्रोन मेडिकल सेवा फरवरी 2023 में शुरू की गई थी। इस दौरान संस्थान की ओर से टिहरी, चंबा, हिंडोलाखाल, जुड्डा नीलकंठ, कोटद्वार और हरिद्वार स्थित रोशनाबाद सहित अन्य स्थानों तक ड्रोन सेवा के माध्यम से दवाइयां पहुंचाई गईं।

तकनीक आधारित इस सेवा के ड्रोन ने मंगलवार को दोपहर 12:20 बजे एम्स के हेलीपैड से टिहरी के लिए उड़ान भरी। ड्रोन दोपहर 12:50 बजे बौराड़ी स्थित टिहरी के नगर निगम सभागार प्रांगण में पहुंचा। वापसी में ड्रोन से टिहरी से दोपहर 1:25 बजे रवाना हुआ और 1: 55 बजे एम्स हेलीपैड में उतरा। इन दवाइयों को बौराड़ी में स्थित जिला चिकित्सालय में रखवाया गया है।
मांग आधारित है यह सेवा

एम्स की यह सेवा मांग आधारित हैं। अगर किसी क्षेत्र में दवा की कमी है तो वहां एम्स ड्रोन के माध्यम से दवाइयां पहुंचाता है। एक बार में यह ड्रोन 100 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है और अधिकतम पांच किलो तक का भार लेकर उड़ान भर सकता है। उससे अधिक दूरी तय करने के लिए बैटरी को बदलना पड़ता है। एम्स अब नागरिक उड्यन मंत्रालय के साथ संपर्क कर इसका एक चार्ट तैयार करने की कोशिश में है।


एम्स ड्रोन आधारित मेडिकल सेवाओं के माध्यम से राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक दवा पंहुचाने के लिए संकल्पित है। स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से जरूरतमंदों तक दवा पंहुचाने के लिए जल्द ही राज्य के अन्य इलाकों को भी इस सेवा से जोड़ा जाएगा।

प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक एम्स


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