गोरखपुर में मोबाइल फोन चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत दो गिरफ्तार; पंजाब से नेपाल तक फैला है नेटवर्क
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/06/article/image/C-496-1-GKP1072-529889-1767718082984-1767718149953.jpgजागरण संवाददाता, गोरखपुर। जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) ने मोबाइल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत दो आरोपितों को मंगलवार की सुबह गिरफ्तार किया। जालंधर (पंजाब) व संतकबीरनगर जिले के रहने वाले आरोपितों के कब्जे से चोरी के 81 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है। इससे पहले इसी गिरोह के एक सदस्य को 54 मोबाइल फोन के साथ पकड़ा जा चुका है। पुलिस के मुताबिक गिरोह पंजाब सहित कई राज्यों में मोबाइल चोरी कर नेपाल में बेचता है।
एसपी रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र ने मंगलवार की दोपहर अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर दी।उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 को जीआरपी ने सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर पांच निवासी रितिक जायसवाल को रेलवे स्टेशन से 54 मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई थी।
पूछताछ में रितिक ने अपने दो साथियों के नाम बताए थे, जो पंजाब के अलग-अलग शहरों में मोबाइल चोरी कर उन्हें नेपाल में बेचते थे।रितिक से मिली जानकारी के आधार पर जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम लगातार उसके साथियों की तलाश में जुटी थी। मंगलवार सुबह थाना प्रभारी अनुज सिंह के नेतृत्व में टीम ने रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित भांप इंजन के पास से दो युवकों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उनकी पहचान जालंधर (पंजाब) के डिवीजन चार स्थित सैडान निवासी संदीप आहुजा व संतकबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के हैसर बाजार निवासी पंकज सैनी के रूप में हुई।आरोपियों के पास मौजूद बैग की तलाशी ली, जिसमें चोरी के 81 मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में संदीप आहुजा ने बताया कि वह इस गिरोह का सरगना है। वह पंजाब के साथ ही अन्य राज्यों में चोरी हुए मोबाइल फोन खरीदता था और उन्हें नेपाल ले जाकर ऊंचे दामों पर बेच देता था।
एसपी रेलवे ने बताया कि मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान के लिए तकनीकी जांच कराई जा रही है।
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