गाजियाबाद की आबादी शुद्ध पेयजल को तरस रही, 28 में से 19 जगहों पर टीडीएस 500 के पार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/06/article/image/ghaziabad-water-supply-1767716771465.jpgराजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआइपी सोसायटी में पानी का टीडीएस जांच करते लोग। जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले की आबादी को शुद्ध पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है। दैनिक जागरण की टीम के 12 संवाददाताओं ने गाजियाबाद, ट्रांस हिंडन क्षेत्र, मोदीनगर, मुरादनगर और गांव के अलग-अलग इलाकों में जाकर 28 स्थानों पर पानी के नमूनों की कुल घुलित ठोस (टीडीएस) जांच कराई। इनमें 19 स्थानों के सैंपल का टीडीएस 500 से अधिक मिला। ट्रांस हिंडन के ब्रज विहार में तो पानी में सर्वाधिक 1700 टीडीएस मिला। पटेल नगर में 1090 और मोदीनगर 950 से अधिक टीडीएस मिला। 500 से अधिक टीडीएस सेहत के लिए नुकसानदायक है। लंबे समय तक अधिक टीडीएस का पानी पीने से किडनी स्टोन, गैस, ब्लड प्रेशर, हड्डियां कमजोर, दिल की बीमारी, त्वचा, बाल आदि से संबंधित रोग हो जाते हैं। प्रस्तुत है जागरण टीम की रिपोर्ट...
शहर के कई इलाकों में पानी का टीडीएस हुआ 500 के पार
क्राॅसिंग रिपब्लिक में भूगर्भ जल का टीडीएस 733 पाया गया। कुछ लोग इस पानी का प्रयोग पीने के लिए कर हैं, जबकि कुछ लोगों ने आरओ लगवा लिए हैं। आरओ के पानी का टीडीएस 44 दर्ज किया गया। भीमनगर में टीडीएस 354 दर्ज किया गया। लोग यहां भूमिगत जल का प्रयोग कर रहे हैं। संजय नगर की एचआइजी सोसायटी के एन ब्लाॅक में नगर निगम द्वारा पानी की आपूर्ति की जाती है। यहां हाजी हारुन चौधरी के मकान से निगम द्वारा आपूर्ति किए जा रहे पानी की जांच की गई तो टीडीएस 818 दर्ज पाया गया।
मेरठ रोड क्षेत्र में अब्बास हैदर की औद्योगिक इकाई पर पानी का टीडीएस 470 पाया गया। पटेल नगर तृतीय स्थित वाल्मीकि कुंज में नगर निगम द्वारा आपूर्ति किए जा रहे पानी की जांच करने के लिए अवध किशोर शाह के मकान से लिए गए सैंपल की जांच करने पर टीडीएस 511 पाया गया। यहां अचिरतोष मिश्रा के मकान में टीडीएस 750 पाया गया। नगर निगम के नलकूप की आपूर्ति वाले पूजा के घर से पानी लेकर की गई जांच में टीडीएस 940 पाया गया।
पटेल नगर तृतीय के जी ब्लाॅक के मकान नंबर 225 से लिए गए सबमर्सिबल के पानी का टीडीएस 1090 पाया गया। कविनगर के एच ब्लाॅक के मकान नंबर 81 के मालिक सुभाष शर्मा व उनकी पत्नी पूनम शर्मा की मौजूदगी में नगर निगम द्वारा आपूर्ति किए जा रहे पानी का टीडीएस 450 पाया गया। यहां भूमिगत पानी का टीडीएस 594 पाया गया। इसी तरह माडल टाउन में कर्नल (रि.) टीपी त्यागी के आवास पर टीडीएस 599 मिला। नेहरू नगर के राजीव अग्रवाल के आवास पर टीडीएस 634 मिला। लोहिया नगर में अजय यादव के आवास से लिए गए सैंपल का टीडीएस 478 दर्ज किया गया।
ट्रांस हिंडन क्षेत्र में कई जगह मिला 800 से अधिक टीडीएस
ट्रांस हिंडन क्षेत्र में 23 लाख से अधिक आबादी शुद्ध पेयजल के नाम पर बिना गुणवत्ता वाले जल को पी रही है। इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी जैसे पाश एरिया में हाइराइज सोसायटियों में भूमिगत जल का टीडीएस बहुत अधिक है। यहां गंगाजल का टीडीएस तो मानकों के अनुरूप रहता है, लेकिन जिन इलाकों में गंगाजल के साथ भूजल की आपूर्ति है, यहां टीडीएस 500-850 के बीच मिला। इंदिरापुरम में 600-800 के बीच टीडीएस मिला।
वसुंधरा में 400-600 के बीच टीडीएस मिला। वसुंधरा सेक्टर-16 की शिखर एन्क्लेव सोसायटी में गंगाजल की आपूर्ति रहती है। यहां गंगाजल का टीडीएस चेक किया तो 365 आया। ब्रज विहार में हेमंत वाजपेयी के निवास पर भूजल और गंगाजल दोनों का टीडीएस चेक किया गया।
गंगाजल का टीडीएस 131, जबकि भूजल का टीडीएस 1700 तक मिला। इंदिरापुरम की साया गोल्ड सोसायटी में करीब 25 प्रतिशत गंगाजल और शेष भूजल की आपूर्ति होती है। फ्लैट में जाकर जब दैनिक जागरण की टीम ने यहां टीडीएस चेक किया तो 789 टीडीएस मिला।
साया गोल्ड में डेढ़ साल पहले दूषित पानी ने मचाया था कहर
इंदिरापुरम की साया गोल्ड सोसायटी में मई 2024 के दौरान गर्मियों के सीजन में दूषित पानी पीने से कोहराम मच गया था। सोसायटी में 400 लोग पानी पीने से बीमार हुए और 35 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने सोसायटी में शिविर लगाए और 10 दिन तक लगातार लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। क्लोरिन की गोलियां सोसायटी में वितरित की गई थीं। नगर निगम जलकल के महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में नई पाइपलाइन को डलवाया गया था।
मोदीनगर में 900 से अधिक टीडीएस का पानी पी रहे लोग
मोदीनगर क्षेत्र में अधिकांश कालोनी में पानी पीने के लायक नहीं है। जहां सरकारी हैंडपंप से धीमा जहर निकल रहा है वहीं, नगर पालिका की पाइपलाइन का पानी भी दूषित है। नगर पालिका पाइपलाइन के पानी का टीडीएस 450-490 तक दर्ज हुआ। यह स्थिति कृष्णानगर, फफराना बस्ती, शास्त्री नगर, सुभाष विहार, कैलाश कालोनी के आसपास रही। सुभाष विहार कालोनी में सरकारी हैंडपंप का टीडीएस चेक किया तो 998 आया। यहां नगर पालिका पाइपलाइन का टीडीएस देखा तो 487 आया। इसके बाद शास्त्रीनगर कालोनी में पहुंचे। यहां सरकारी हैडपंप का टीडीएस 978 आया।
मुरादनगर में 500 से कम रहा टीडीएस
रेलवे रोड में निकट स्थित डिफेंस कालोनी में घरों में आ रहे पानी का टीडीएस 380 निकला। उखलासरी में घरों के पानी का टीडीएस 410 मिला। लक्ष्मी एन्क्लेव में टीडीएस 450 मिला। दूषित पानी के लिए बदनाम नूरगंज कालोनी में घरों में लगे नल का टीडीएस 390, सहबिस्वा कालोनी में 390, ईदगाह कालोनी में पानी का टीडीएस 390 मिला। सप्लाई के पानी की तुलना में सरकारी नलों का टीडीएस 350 दर्ज किया गया।
गाजियाबाद जोन का टीडीएस
क्षेत्र
टीडीएस
क्राॅसिंग रिपब्लिक
733
भीम नगर
354
संजय नगर
818
गुलधर
468
मेरठ रोड क्षेत्र
470
पटेल नगर
750
पटेल नगर तृतीय
1090
कवि नगर
594
माॅडल टाउन
599
नेहरू नगर
634
सिकरोड गांव
523
वीवीआईपी एड्रेसेस सोसायटी
532
गौर कैस्केड्स सोसायटी
547
केडब्ल्यू सृष्टि सोसायटी
345
महागुनपुरम सोसायटी
527
ब्रैव हार्ट्स सोसायटी
805
केडीपी ग्रैंड सवाना सोसायटी
741
गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी
746
ट्रांस हिंडन जोन का टीडीएस
ब्रज विहार
1700
इंदिरापुरम, साया गोल्ड सोसायटी
789
वसुंधरा शिखर एन्क्लेव सोसायटी
365
मुरादनगर क्षेत्र का टीडीएस
लक्ष्मी एन्क्लेव
450
डिफेंस काॅलोनी
380
उखलारसी
410
सहबिस्वा
390
ईदगाह काॅलोनी
390
मोदीनगर क्षेत्र का टीडीएस
सुभाष विहार
998
शास्त्री नगर
978
गंगाजल की आपूर्ति होने से लोगों को राहत है। इसका टीडीएस मानक अनुसार रहता है। थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे हो जाता है।
-संदीप गुप्ता, शिखर एन्क्लेव, सेक्टर-16 वसुंधरा
सेक्टर-17 में जहां भूजल की आपूर्ति है, वहां टीडीएस 900-1000 तक रहता है। पीने के लिए पानी को खरीदना ही पड़ता है।
-गिरीश शर्मा, वसुंधरा सेक्टर-17
हर फ्लैट में आरओ लगे हैं। भूजल की स्थिति बेहद खराब है। टीडीएस की जांच करने पर 800-900 के बीच आता है।
-सतीश जैन, साया गोल्ड सोसायटी
वैशाली में अक्सर दूषित पानी की शिकायत रहती है। पानी का टीडीएस बढ़ा रहता है। इसे पीने के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते। यहां भूजल का 600-700 के बीच टीडीएस होता है।
-नरेश चंद्र भट्ट, आरडब्ल्यूए सदस्य, वैशाली सेक्टर-3एफ
भूजल का टीडीएस 468 और आरओ प्लांट से की जा रही जलापूर्ति का टीडीएस 85 है। यहां बीच-बीच में टीडीएस बढ़ जाता है। मजबूरी में लेाग अधिक टीडीएस का पानी प्रयोग करते हैं।
-अंशुल त्यागी, उद्यमी मेरठ रोड गुलधर औद्योगिक क्षेत्र
“नगर निगम से की जा रही जलापूर्ति का टीडीएस 818, भूजल का टीडीएस 112 और आरओ के जल का टीडीएस 91 है। अधिक टीडीएस का पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं।“
-हाजी हारुन चौधरी, एन ब्लाॅक एचआइजी संजय नगर
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