deltin33 Publish time 2026-1-6 20:26:36

अब स्तन कैंसर की कुछ घंटों में हो सकेगी पहचान, KGMU और IIT कानपुर ने म‍िलकर तैयार क‍िया ये स्‍पेशल ड‍िवाइस

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सांकेत‍िक तस्‍वीर।



जागरण संवाददाता, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) एवं भारतीय प्रद्योगिकी संस्थान कानपुर के संयुक्त प्रयास से एक ऐसी डिवाइस तैयार की गई है, जिसकी मदद से स्तन कैंसर की शुरुआती चरण में पहचान संभव होगी। विशेष डिवाइस का पेटेंट भी हो गया है। यदि स्तन में कोई गांठ है। उसकी प्रकृति क्या है? गांठ कहीं कैंसर तो नहीं? खास डिवाइस इन सवालों का सटीक जवाब देगी।

केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार, विशेष डिवाइस को महिलाएं अंडरगारमेंट के साथ पहनेंगी, जो मोबाइल एप से जुड़ेगी। पहनने के कुछ घंटे के भीतर ही गांठ से जुड़ी पूरी जानकारी मोबाइल एप पर मिल जाएगी। विश्वविद्यालय और कानपुर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का संयुक्त बायोडिजाइन कार्यक्रम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिजाइन-सिनर्जाइजिंग हेल्थकेयर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एसआइबी शाइन) कार्यक्रम चल रहा है।

एसआइबी शाइन कार्यक्रम के तहत इंडोक्राइन सर्जरी विभाग की डॉ. पूजा रमाकांत की निगरानी में फेलो छात्रा श्रेया नायर ने खास डिवाइस तैयार की है। श्रेया ने हाल ही में माइक्रोबायोलाजी से अपनी पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल के बाद स्तन कैंसर महिलाओं में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।

इस तरह के प्रयास से अधिकांश मरीजों की बीमारी को समय से पहचानने और इलाज करने में मदद मिलेगी। निश्चित तौर पर यह डिवाइस स्तन कैंसर के उपचार में मील का पत्थर साबित होगी। कुलपति ने इस उपलब्धि के लिए लारी कार्डियोलाजी विभाग के अध्यक्ष और एसआइबी साइन के कार्यकारी निदेशक प्रो. ऋषि सेठी, डा. पूजा रमाकांत और श्रेया नायर को बधाई दी।

ए वायरेबल सेंसर पैच फार ब्रेस्ट एब्नार्मलटी मानीटरिंग शीर्षक से पेटेंट मिला है। स्तन कैंसर का सर्वाधिक खतरा जेनेटिक है। जिन महिलाओं के परिवार में इस गंभीर रोग का इतिहास रहा है उन्हें समय पर स्तन में पनप रही गांठ का पता लगाना बेहद जरूरी है। ऐसी महिलाओं को यदि स्तन में गांठ महसूस हो तो डाक्टर की सलाह पर इस डिवाइस को लगा सकती हैं। -प्रो. ऋषि सेठी, कार्यकारी निदेशक, एसआइबी साइन
स्तन कैंसर के लक्षण

डॉ. पूजा रमाकांत के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों में स्तन या बगल में गांठ, स्तन के आकार या रूप में बदलाव, निप्पल से स्राव, निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना और स्तन की त्वचा में बदलाव (जैसे लालिमा, गड्ढे, या संतरे के छिलके जैसा दिखना) शामिल हैं।

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