deltin33 Publish time 2026-1-6 16:56:32

22 लोगों की टीम, चार कैमरे और दो पिंजरे... तेंदुए को पकड़ने में नाकाम, अब ड्रोन का लिया जाएगा सहारा

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मेरठ कैंट में सीसीटीवी में दिखा तेंदुआ, तलाशने में लगी टीम के सदस्य और अन्य लोग।



जागरण संवाददाता, मेरठ। सैन्य क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की 22 लोगों की टीम लगी है। चार कैमरे भी लगाए गए हैं। दो पिंजरे भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद इसके तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिल रही है। सोमवार को पूरी रात टीम लगी रही, लेकिन तेंदुआ अभी तक नहीं पकड़ पाए, सेना के जवानों के परिवारों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

डीएफओ वंदना फोगाट ने बताया कि वन विभाग की टीम ने सेना के सहयोग से पूरी रात क्षेत्र में कॉम्बिंग की, लेकिन देर रात तक तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी। तेंदुए की मौजूदगी की आशंका वाले इलाकों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। परिसर के अंदर रहने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, रूड़की रोड स्थित परिसर के अंदर सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों पर आवागमन भी सीमित किया गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को सर्च ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा। तेंदुए की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जाएगी, ताकि ऊंचे पेड़ों और झाड़ियों वाले इलाकों की भी निगरानी की जा सके। सिग्नल रेजिमेंट परिसर में बंद पड़े भट्ठे पर अधिक निगरानी रखी जा रही हैं. यहां पर मंगलवार को ड्रोन कैमरे से नजर रखी जाएगी।
परिसर में रहते हैं 110 परिवार

परिसर में सेना के जवानों के 110 परिवार रहते हैं। सभी दहशत में हैं। बच्चों और महिलाओं को बाहर निकलने से मना किया हुआ है। बता दें कि परिसर में घना जंगल होने के कारण नीलगाय, मोर जैसे वन्य जीव मिलते हैं। अनुमान है कि तेंदुआ जंगली जीवों का शिकार करने के लिए यहां घूम रहा है।

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रोके जा रहे सिविलियंस

परिसर में सिविलियंस मजदूरी आदि के लिए आते हैं। सोमवार को उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। कुछ छात्र भी विनीत चपराना के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि पांच दिन से वन विभाग को सूचना दी जा रही थी, लेकिन सोमवार को टीम पहुंची। कोई अनहोनी हुई तो विभाग जिम्मेदार होगा।

पिंजरे में बांधी हैं बकरियां

वन विभाग की टीम ने परिसर में घनी झाड़ियों के बीच में कैमरे और दो पिंजरे लगाए हैं। एक पिंजरा चिमनी के पास भी लगाया गया है। पिंजरे में बकरियां बांधी गई हैं, ताकि गुमराह कर तेंदुए को पकड़ा जा सके। टीम को 14 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा है।
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