deltin33 Publish time 2026-1-6 15:26:49

हरियाणा में जल प्रदूषण संशोधन अधिनियम 2024 लागू करने की तैयारी, छोटे-मोटे मामलों में नहीं जाना पड़ेगा जेल

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/06/article/image/water-(2)-1767694780026.jpg

जल प्रदूषण के छोटे-मोटे मामलों में नहीं जाना पड़ेगा जेल। सांकेतिक तस्वीर



राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। संसद में पारित जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम 2024 को हरियाणा में भी लागू करने की तैयारी है। केंद्र सरकार द्वारा बनाए नए कानून को अपनाने के लिए सुझाव देने को प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी है। नया कानून लागू होने के बाद जल प्रदूषण के छोटे-मोटे मामलों में जेल नहीं जाना पड़ेगा।

यह समिति केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशों तथा संशोधन अधिनियम के प्रविधानों के अनुरूप गठित की गई है। पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन, नगर एवं ग्राम आयोजना तथा शहरी संपदा विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव, पर्यावरण विभाग के निदेशक तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के विशेष सचिव और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उप जिला न्यायवादी इस समिति के सदस्य होंगे।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अभियंता भूपेन्द्र रिणवा समिति के संयोजक होंगे। यह समिति संशोधन अधिनियम को अपनाने से संबंधित सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी और अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी।

नए कानून का उद्देश्य तकनीकी अथवा प्रक्रियात्मक खामियों के लिए कारावास की आशंकाओं को समाप्त करते हुए जल प्रदूषण से संबंधित छोटे अपराधों का गैर-अपराधीकरण करना है। यह सुनिश्चित करता है कि दंड अपराधों की गंभीरता के अनुरूप हों तथा हितधारकों को अत्यधिक प्रभावित किये बिना अनुपालन को बढ़ावा दिया जाए।

संशोधित कानून केंद्र सरकार को विशेष प्रकार के औद्योगिक संयंत्रों के लिए अतिरिक्त बिक्री केंद्र और निर्वहन के संबंध में धारा 25 में सूचीबद्ध कुछ वैधानिक प्रतिबंधों से छूट प्रदान करने का अधिकार देता है।

साथ ही केंद्र सरकार को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के अध्यक्षों के नामांकन के लिये दिशा-निर्देश निर्धारित करने और उद्योग से संबंधित सहमति देने, इनकार करने या रद करने के निर्देश जारी करने का अधिकार देता है। अध्यक्षों की निष्पक्ष नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए कुछ अनिवार्य योग्यताएं, अनुभव और प्रक्रियाएं निश्चित की जाएंगी।
Pages: [1]
View full version: हरियाणा में जल प्रदूषण संशोधन अधिनियम 2024 लागू करने की तैयारी, छोटे-मोटे मामलों में नहीं जाना पड़ेगा जेल

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com