जंगल से ज्यादा मिलेंगे भालू, हमले का भी डर नहीं; एक बार करिए बच्चों के साथ कीठम की सैर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/06/article/image/Bear-Rescue-Centre-1767688706123.jpgकीठम में बने संरक्षण केंद्र में मस्ती करते भालू।
जागरण संवाददाता, आगरा। यदि सर्दियों की छुट्टियों में बच्चों को कहीं घुमाने ले जाना चाहते हैं तो आगरा-दिल्ली हाईवे पर कीठम बेहतर विकल्प है। यहां जंगल और झील के नजारे के साथ भालू संरक्षण केंद्र पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां किसी भी जंगल से ज्यादा भालू एक ही जगह पर दिख जाएंगे, वह भी करतब करते हुए। हमले का भी कोई डर नहीं है।
छुट्टियों का आनंद लेने के लिए मथुरा रोड पर रुनकता से आगे है आकर्षण का केंद्र ये भालू संरक्षण केंद्र। मथुरा हाईवे पर कीठम स्थित सूरसरोवर झील के किनारे 1999 में वन विभाग के सहयोग से वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा स्थापित भालू संरक्षण केंद्र देश का सबसे बड़ा केंद्र है। मदारियों (कलंदर) के चंगुल में फंसकर प्रताड़ित किए जाने वाले भालुओं को मुक्त करवाकर यहां रखा गया है।
https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/01/06/template/image/Bears-1767688969500.JPG
2002 में सबसे पहले यहां मादा भालू रानी को लाया गया था। इसके बाद पूरे देश के अलग-अलग स्थानों से मुक्त कराए गए भालुओं को लाकर यहां रखा गया। घने जंगल में बसे इस संरक्षण केंद्र में भालुओं को रखने के लिए सुविधायुक्त सेल बने हुए हैं। इनमें कभी भालू आइस्क्रीम खाते तो कभी मस्ती करते हुए दिखते हैं। भालुओं के शावकों की हरकतें बच्चों को लुभाती हैं।
इस केंद्र पर जाकर जंगल की सैर के साथ भालुओं की मस्ती का आनंद उठाया जा सकता है। केंद्र पर भालुओं के खेलने के लिए तमाम इंतजाम कर रहे हैं। कभी तालाब में गोते लगाते हुए भालू दिखेंगे तो कभी बॉल से खेलते हुए। वॉच टॉवर पर चढ़कर इन्हें देखा जा सकता है। इसके अलावा कीठम में बनी प्राकृतिक झील पर इस समय विदेशी परिंदे भी डेरा डाले हुए हैं। इनकी भी अठखेलियां भी देखी जा सकती हैं।
Pages:
[1]