cy520520 Publish time 2026-1-5 16:56:39

शहर जाने की जरूरत खत्म! योगी सरकार गांव-गांव पहुंचा रही है प्रतियोगी परीक्षाओं की डिजिटल पाठशाला

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/05/article/image/yogi-1767613495057.jpg



डिजिटल टीम लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को अब आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली या प्रयागराज जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के \“डिजिटल उत्तर प्रदेश\“ विजन के तहत राज्य सरकार 30 जनवरी तक सभी चिन्हित डिजिटल गांवों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी शुरू करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को उनके घर के पास ही विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराना है।
शहर जैसी सुविधाएं अब ग्राम सचिवालयों में

योगी सरकार की इस योजना के तहत ग्राम पंचायत सचिवालयों को ज्ञान के आधुनिक केंद्रों में बदला जा रहा है। 26 जनवरी तक सभी पुस्तकालयों के लिए आधुनिक फर्नीचर की खरीद पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इन लाइब्रेरियों की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

[*]स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: प्रत्येक लाइब्रेरी वाई-फाई, एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी कैमरे और कंप्यूटर सिस्टम से लैस होगी।
[*]डिजिटल कंटेंट का भंडार: छात्रों को लाखों ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो नोट्स और ऑनलाइन क्विज की सुविधा मिलेगी।
[*]आधुनिक परिवेश: पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु विशेष फर्नीचर और शांत माहौल सुनिश्चित किया गया है।

बजट और प्रबंधन का खाका

पंचायतीराज विभाग इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रहा है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना पर लगभग 4 लाख रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसका विभाजन इस प्रकार है:

[*]2 लाख रुपये: विभिन्न विषयों की महत्वपूर्ण पुस्तकों के लिए।
[*]1.30 लाख रुपये: आईटी उपकरण (कंप्यूटर, इंटरनेट, स्क्रीन आदि) के लिए।
[*]70 हजार रुपये: आधुनिक और आरामदायक फर्नीचर के लिए।

स्थानीय स्तर पर होगी निगरानी

पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, इन लाइब्रेरियों का प्रबंधन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के जिम्मे होगा। वहीं, जिला स्तर के सहायक अधिकारी इनकी नियमित निगरानी करेंगे ताकि संसाधनों का सही उपयोग हो सके।
विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम

यह पहल ग्रामीण युवाओं को प्रतिस्पर्धी माहौल में बराबरी का अवसर देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। गांव में ही उच्च स्तरीय डिजिटल कंटेंट मिलने से न केवल पलायन रुकेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले \“ऑफिसर्स\“ की संख्या में भी भारी इजाफा होने की उम्मीद है। यह मॉडल ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का एक नया मानक स्थापित कर रहा है।
Pages: [1]
View full version: शहर जाने की जरूरत खत्म! योगी सरकार गांव-गांव पहुंचा रही है प्रतियोगी परीक्षाओं की डिजिटल पाठशाला

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com