deltin55 Publish time 2025-11-19 18:01:15

वडोदरा : इटवाड की महिलाएँ बनीं आत्मनिर्भर: ‘ ...

प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को मूर्त रूप देने के लिए गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के नेतृत्व में अनेक योजनाएँ लागू की जा रही हैं। इन्हीं में से एक है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM), जो ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है।
वडोदरा जिले के डेसर तालुका के इटवाड गाँव में इसी योजना के अंतर्गत ‘श्री गणेश सखी मंडल’ का गठन किया गया। इस समूह को बैंक के माध्यम से 30,000 रुपये की रिवॉल्विंग फंड सहायता और 1.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस सहयोग से समूह की बहनों ने गोबर से धूपबत्ती और कोड़िया बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।
ग्रामीण महिलाएँ देसी गाय के गोबर में घी, कपूर, काले-सफेद तिल और जौ जैसी प्राकृतिक सामग्रियाँ मिलाकर पर्यावरण के अनुकूल कोड़िया तैयार करती हैं। ये कोड़िया जलाने पर हानिकारक धुआँ नहीं छोड़ते और वायु को शुद्ध करते हैं। इस पहल से गाँव में स्वच्छता के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश भी फैल रहा है।
समूह की सदस्य श्रीमती जयराजबेन राठौड़ के अनुसार, “हम पिछले एक वर्ष से ये उत्पाद बना रहे हैं। सादा कोड़िया 50 रुपये और विशेष मिश्रण से बना कोड़िया 80 रुपये में बिकता है। अब आस-पास के गाँवों से भी ऑर्डर आने लगे हैं, जिससे आय का स्थायी स्रोत बना है।”
DAY-NRLM की क्लस्टर समन्वयक सुश्री भावनाबेन भोई 2019 से सखी मंडलियों को प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने इटवाड की 10 सखी मंडलियों को योजना की जानकारी दी, ऋण प्रक्रिया समझाई और घरेलू संसाधनों से आय बढ़ाने के तरीके सिखाए।
आज इटवाड की महिलाएँ न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को गाँव-गाँव तक पहुँचा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के सहयोग से, DAY-NRLM जैसी योजनाएँ गुजरात की ग्रामीण महिलाओं को सच्चे अर्थों में आत्मनिर्भर बना रही हैं, जहाँ परिश्रम, कौशल और संकल्प है, वहाँ सफलता सुनिश्चित है।
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